रामावतार स्वर्णकार
इचाक । प्रखंड के लोटवा डैम के चट्टान में फंसे मानव खोपड़ी मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बोरे में डाल कर फेंका गया मानव खोपड़ी को सोमवार संध्या करीब चार बजे मछुआरों और चरवाहों ने चट्टान में फंसा प्लास्टिक बोरे में देखा। बोरे को कुरेदने पर उससे मानव खोपड़ी निकला। जिसकी चर्चा आस के गांव में होने लगी। चर्चा के बाद मंगलवार सुबह आसपास के लोग डैम के पास पहुंचे और पत्थर में फंसा बोरा को कुरेदा जिसमें मानव खोपड़ी, पैर की हड्डियों के अलावा नर कंकाल के टुकड़ों में बांटा हड्डियों के अवशेष, पत्थरों के टुकड़े निकला। लोगों ने इसकी सूचना पंचायत प्रतिनिधियों को दिया जिसके बाद इचाक पुलिस को डैम में खोपड़ी होने की सूचना दी गई। सूचना पाकर इचाक पुलिस लोटवा डैम पहुंचकर मानव खोपड़ी और हड्डियों को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हजारीबाग भेज दिया और घटना को लेकर छानबीन शुरू कर दिया है। लोगों ने आशंका जताया कि किसी अज्ञात की हत्या दूसरे जगह कर अपराधियों ने शव के टुकड़े को बोर में भरकर डैम में फेंक दिया होगा। बरसात में डैम में पानी अधिक होने के चलते बोरा तैरता रहा। किंतु पानी सूखने के बाद बोरा पत्थर के चट्टान में फंस गया। मालूम हो कि इचाक और पदमा थाना का सीमांत में पड़ने वाले नेशनल पार्क जंगल और लोटवा डैम का किनारा अपराधियों और अश्लील हरकत करने वाले जोड़ियां का सेफ जोन बन गया है।
जिसके कारण शरारती अपराधी और प्रेमी जोड़े यहां योजना के तहत पहुंचते है जो अपनी मकसद में भी सफल होने के बाद हत्या को अंजाम देकर शव को डैम में फेंककर निकल जाते हैं। जिसकी भनक पदमा और इचाक पुलिस को नहीं लग पाती है। यही कारण है कि कभी जंगल में सिर से अलग धड़ तो कभी बोरे में बंद मानव खोपड़ी और हड्डी के अलावा डूबने से मृत व्यक्तियों के शव को पुलिस बरामद करती रही है। जिसकी चर्चा क्षेत्र में लगातार हो रही है। बता दें कि सितंबर 2023 में नहाने गए माउंट एगमोंड स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं 11वीं के 6 विद्यार्थियों की मौत भी लोटवा डैम में डूबने से हो गई थी, वहीं लोटवा गांव जाने के रास्ते में झाड़ियां के बीच एक अधेड़ व्यक्ति का नंगधडंग शव को इचाक पुलिस ने अक्टूबर 2022 में बरामद किया था। इसके कुछ दिन बाद उक्त व्यक्ति के सर को पदमा क्षेत्र के केवता नदी से बरामद करते हुए मामले का उद्वेदन पुलिस ने किया था। मृतक व्यक्ति बिहार का था जिसकी हत्या संपत्ति हड़पने के चक्कर में उसके भाई और भौजाई ने साजिश के तहत करवा कर बिहार से लाकर धड़ को लोटवा जंगल में जबकि सर को पदमा थाना क्षेत्र के क्वेटा नदी में फेंक दिया था। पुलिस हत्या के आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं लोटवा डैम के पास स्थित चमेली झरना भी इन घटनाओं से अछूता नहीं है। झरने से पदमा थाना क्षेत्र के सोनपुर गांव निवासी मां सहित दो बच्चे और बिहार के एक युवक का शव 2024 में झरना से निकल गया था जिसे लेकर क्षेत्र के मशहूर पिकनिक स्पॉट चर्चा में रहा। वहीं चमेली झरना में नहाने गए इचाक के चंदवारा गांव के एक विद्यार्थी की मौत भी झरना में डूबने से हो गई थी। इसके अलावा भी अन्य कई घटनाओं में लोग इस सुनसान और मनोरम वादियों में फैले डैम रूपी पत्थर के बंद पड़े खदान में जाकर काल के गाल में समा गए। जबकि हैरत की बात है कि इतनी घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने उक्त स्थल पर डेंजर जोन का एक भी बोर्ड नहीं लगा रखा है। और न ही किसी तरह की बैरिकेटिंग की गई है।
