निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । शनिवार को माँ चंचला द्वादश वार्षिक महोत्सव का समापन कलश विसर्जन यात्रा के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में डुबो दिया। महोत्सव के पूर्णाहुति के दिन समिती की ओर से मंदिर प्रांगण में प्रातः कालीनपांचोपचार पूजा, हवन,गौमाता पूजन,ब्राह्मण भोजन कन्या भोजन,रात्रि में भक्तिजागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । मुख्य यजमान वीरेंद्र मंडल ने महोत्सव समिती की ओर से ब्राह्मणों और कन्याओं को वस्त्र एवं अन्य सामग्री का दान भी किया। कलश विसर्जन यात्रा के पूर्व मुख्य यजमान वीरेंद्र मण्डल ने पुरे विधि विधान ढोक ढाल के साथ मुख्य कलश का विसर्जन किया। तदनोपरांत
कलश विसर्जन यात्रा के आयोजन में हजारों महिलाओं और बहनों ने पूरे विधि-विधान से भाग लिया।
इस दौरान कलशों का धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विसर्जन किया गया।कलश विसर्जन यात्रा का दृश्य अत्यंत भव्य और अद्वितीय था। वीरेंद्र मंडल ने अपने संबोधन में कहा की आज भव्य कलश विसर्जन यात्रा के साथ माँ चंचला द्वादश वार्षिक महोत्सव ऐतिहासिक रूप से संपन्न हो गया। तीन दिनों तक जामताड़ा में धार्मिक नगरी जैसा माहौल रहा। तीन दिनों तक माँ चंचला मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर महोत्सव के तहत चल रहे धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। महोत्सव में उमड़े भक्तों के विशाल सैलाब ने इसे पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना दिया।
इस बार की माँ चंचला कलश शोभायात्रा और महोत्सव ने आयोजन की भव्यता के नए आयाम स्थापित किए।माता रानी की कृपा से श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इसे अविस्मरणीय बना दिया।महोत्सव समिती ने इतने बड़े ऐतिहासिक 12 वीं माँ चंचला वार्षिक महोत्सव को बड़े ही शांतिपूर्ण और भक्तिपूर्ण माहौल में सुसम्पन्न कराकर अपने आप में इतिहास कायम कर दिया.इस 12 वीं महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने जामताड़ा के सभी वर्गों, संस्थानों, संस्थाओं, व्यावसायिक वर्ग, भक्त जनों और बुजुर्ग जनों के आशीर्वाद और मेहनत सराहनीय और सभी के प्रति महोत्सव समिति की ओर से धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट करता हूं।
