निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । आज झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा जामताड़ा सदर अस्पताल स्थित सभागार में एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नोडल पदाधिकारी डाक्टर डी.सी. मुंशी झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहायक निदेशक संतोष कुमार सिंह, आई.सी.टी.सी. काउंसलरर सुनील दुबे, सहित कुल लगभग 25 प्रतिभागी उपस्थित थे।।इस अवसर पर झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहायक निदेशक संतोष कुमार सिंह के द्वारा यह बताया गया कि यदि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ कोई भेदभाव करता है या किसी डॉक्टर द्वारा उसका ऑपरेशन करने से मना किया जाता है तो उसे एचआईवी/एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) एक्ट 2017 के अंतर्गत एक लाख रुपए तक का जुर्माना अथवा 3 माह से 2 साल तक की कैद अथवा दोनों हो सकता है।

इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं यथा पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई जिसका लाभ एचआईवी संक्रमित व्यक्ति उठा सकते हैं । एच.आई.वी. संक्रमित महिलायें जो बेबी का प्लान करना चाहती हैं वे सदर अस्पताल स्थित आईसीटीसी या पिपीटीसी काउन्सलर से मिलें जिससे उनके होने वाले बच्चे को एचआईवी से बचाया जा सके । सभी प्रतिभागियों को टोल फ्री नंबर 1097 के संबंध में जानकारी दी गई, जिस पर कॉल करएचआईवी से संबंधित किसी भी तरह का शिकायत कर सकते हैं साथ ही यह बताया गया की पुरे राज्य में १ सितम्बर २०२४ से ३१ अक्टूबर २०२४ तक आईसी ईन्टेंसीव कैम्पेन चलाया जा रहा है जिसमें सभी लोगों को एचआईवी की जानकारी दी जाएगी | नोडल पदाधिकारी डाक्टर डी.सी. मुंशी दारा सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित सेक्स के बारे में जानकारी दिया गया तथा यह बताया गया की एचआईवी संक्रमित व्यक्ति अपना पूरा जीवन स्वस्थ एवं समान्य रूप से बीता सकते हैं बशर्ते एआरटी दवा का नियमित सेवन करें | सुनील दुबे द्वारा नियमित ए.आर.टी. दवा के सेवन से होने वाले फायदे के बारे में बताया गया साथ ही यह बताया गया की एचआईवी केवल चार कारण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई तथा संक्रमित रक्त के इस्तेमाल एवं एचआईवी संक्रमित गर्भवती माता से उसके होने वाले बच्चे को होता है |

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