निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । फतेहपुर प्रखण्ड के बनुडीह पंचायत अंतर्गत खट्टोजोरी गांव के बाम पद महतो की बुधवार की सुबह वज्रपात के चपेट में आने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बाम पद हल जुताई हेतु सुबह खेत गए थे। खेत जुताई के दौरान बारिश के साथ बादल गरज रहे थे। बारिश से बचाव हेतु वे खेत के सामने स्थित पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान बज्रपात हो गया, जिसमें 64 साल के बाम पद महतो की वज्रपात के चपेट आने से मोके पर ही मौत हो गयी। ज्ञात हो की वज्रपात के चपेट में आने से बाम पद महतो की पीठ पुरी तरह से झुलस गयी तथा उनके कान से खून निकलने लगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाम पद के साथ उनका बेटा तथा भतीजा भी खेत में ही थे। इस दौरान हुए तेज गर्जन से उनका बेटा तथा भतीजा भागने लगे तथा उनको भी भागने को कहा, लेकिन वो भाग नहीं सके और वज्रपात के चपेट में आ गए। इस दर्दनाक घटना से पूरे खट्टोजोरी गाँव मे शोक की लहर दौड़ पड़ी| घटना की सूचना पाते ही गांव के सभी लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। घटनास्थल पर पहुंचकर खट्टोजोरी निवासी समाजसेवी कृष्ण गोपाल महतो एवं प्रकाश सिंह ने थाना प्रभारी एवं अंचलाधिकारी फतेहपुर आदि को घटना की सूचना दूरभाष पर दी, साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। घटना की सूचना पाते ही समाजसेवी माधव चन्द्र महतो एवं मुखिया प्रतिनिधि मनोहर हांसदा ने घटनास्थल पर पहुंचकर प्रखंड प्रशासन से घटना को लेकर बात की, ताकि पीड़ित परिवार को सरकारी सहयोग मिल सके। अंचल निरीक्षक सुनिल सोरेन, थाना प्रभारी आदि ने घटनास्थल पर पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए जामताड़ा भेज दिया।
अंचल निरीक्षक सुनिल सोरेन ने कहा कि आवश्यक प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम हेतु जामताड़ा भेजा गया है। बज्रपात पीड़ित को सरकारी प्रावधान के तहत चार लाख रूपया मुआवजा देया जाता है, तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित परिवार को मुआवजा का भुगतान किया जाएगा।
मालूम हो कि मृतक का बेटा विकास महतो तथा उनका भतीजा परितोष महतो शव के पोस्टमार्टम हेतु जामताड़ा गए हैं। परिवार के सभी लोग फूट फूटकर रो रहे हैं। घटना से ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।
