स्वस्थ और समृद्ध समाज से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा- विधायक

रामावतार स्वर्णकार
हजारीबाग/इचाक । भारत स्वाभिमान एवं पतंजलि योगपीठ के द्वारा प्रखंड के बहुचर्चित मोकतमा के छबेलवा वन परिसर में योग, आयुर्वेद और सनातन पर एकदिवसीय जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 5 बजे योग और प्राणायाम से किया गया। योग शिक्षिका ललिता कुमारी ने उपस्थित लोगों को भरपूर योगाभ्यास कराया साथ ही योग और प्राणायाम के फायदे भी गिनाए। तत्पशचात हरिद्वार से आई साध्वी देव नीति जी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत हवन कराया। जिसमें दर्जनों सनातन प्रेमियों ने भाग लेकर ईश्वर से अपनो के सुख समृद्धि और पर्यावरण संतुलन की कामना की। तत्पशचात एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जहां मंचासीन अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। क्रार्यक्रम का संचालन योग शिक्षिका ललिता कुमारी ने किया। जबकि अध्यक्षता कर रहे पतंजलि योगपीठ के झारखण्ड राज्य प्रभारी रामजीवन पाण्डेय ने अपने संबोधन में नित्य योग और प्राणायाम से होने वाले विभिन्न प्रकार के दर्जनों फायदे गिनाए। उन्होने लोगों से भारत के पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति और शिक्षा पद्धति की ओर लौटने का आग्रह किया। कहा कि जहां हमारा पारंपरिक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति जटिल से जटिल बीमारी को जड़ से मिटाने में सक्षम है, वहीं भारतीय शिक्षा पद्धति अनुशासन और चरित्र निर्माण का जीता जागता उदाहरण है। पतंजलि परिवार ने भारतीय शिक्षा तथा योग और आयुर्वेद की परंपरा को जीवित रखा है। उन्होने सनातन संस्कृति की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति हमें प्रकृति (जीव,जल, वायु, अग्नि, आकाश और वनस्पतियों) का सम्मान करने की प्रेरणा देता है।

क्योंकि इन्ही से पर्यावण संतुलन बना रहेगा। मुख्य अतिथि क्षेत्र के विधायक अमित कुमार यादव ने कहा कि स्वास्थय जीवन का मूल आधार है। हमारा शरीर स्वस्थ होगा तो समाज खुशहाल होगा। और जब समाज स्वस्थ और समृद्ध होगा तभी आदरणीय प्रधान मंत्री जी के विकसित भारत का सपना साकार होगा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के ज़िला संचालक श्रद्धानंद सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम् और सर्वे भवन्तु सुखिन के सिद्धांत पर चलने वाले सनातन परंपरा का लोहा आज़ पूरी दुनिया मान रही है। देश विदेश के लोग भारत आकर मेडिटेशन सीख रहे हैं। सनातन धर्म को अपना रहे हैं। लेकिन कुछ अज्ञानी लोग मिशनरी के लालच में फंसकर अपना धर्मांतरण करने पर तुले हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए नशापान को भी त्यागना पड़ेगा। आज अधिकतर युवा नशा की चपेट में आकर अपना और अपने परिवार का सुनहरे भविष्य को गर्त में धकेल रहें हैं।

ऐसे युवा नशा छोड़ समाज के मुख्य धारा में लौटें और योग और आयुर्वेद से अपना जीवन सुधारें। युवा नेता गौतम कुमार ने जनप्रतिनिधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि योग और आयुर्वेद सिर्फ भाषण देने से नही बल्कि उसके सिद्धांतों को अपने जीवन में अनुशासन पूर्वक उतारने से लाभ मिलता है। अधिवक्ता रमेश सिंह ने कहा कि योग और आयुर्वेद सनातन संस्कृति की परम्परा रही है। तभी हमारा देश विश्व गुरु कहलाता था। आज पाश्चात्य संस्कृति ने हमारे दैनिक जीवन के अनुशासन को खोखला कर रहा है। वहीं जंक फूड बीमारियों का बड़ा कारण बनता जा रहा है। पेड़ों के अत्यधिक कटाव से तापमान बढ़ रहा है और लोग मर रहे हैं। हमें पर्यावरण के संतुलन के लिए भी वृक्षा रोपण का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम को साध्वी देव नीति जी, डॉ. कौशल कुमार, शिक्षक तुला राम, महेन्द्र प्रसाद, पत्रकार रामावतार स्वर्णकार समेत कई लोगों ने संबोधित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दुर्गा साव विश्वनाथ साव, दशरथ साव, आमोद कुमार, पंडित रविशंकर संगीत शिक्षक सुबोध कुमार दास, सन्तोष कुमार, काली सोनी, कुमार, बलदेव महतो, अरूण प्रसाद, अनीता देवी, अनुपा मेहता, रंजू देवी, अशोक ठाकुर, अनुपम कुमार, रामकुमार गुप्ता, देवेंद्र रविदास, प्रमीला देवी, सावित्री देवी, परमेश्वर साव की भूमिका अहम रही। कार्यक्रम में मंगुरा, मोकतमा, करियातपुर, फुरुका, जमुआरी, इचाक, समेत दर्जनों गांव के महिला पुरुष मौजुद थे।

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