50 घण्टे बाद भी नहीं मिला जमन अब्बास का शव
परिजनों का रोरोकर बुरा हाल
रामावतार स्वर्णकार
इचाक । हजारीबाग जिला मुख्यालय से 24 किमी दूर इचाक और पदमा थाना क्षेत्र के सीमा क्षेत्र में स्थित चमेली झरना के नाम से प्रसिद्ध पत्थर खदान में मंगलवार की सुबह छः यूवक घूमने गए और खदान के पानी में नहाने लगे। नहाने के दौरान जमन अब्बास (16) पिता जफर अब्बास झरना के गहरे पानी में डूब गया। वह बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के जैन मन्दिर गली, हजारीबाग का रहने वाला था। मृतक घर में बिना बताए अपने दोस्तों के साथ चमेली झरना पहुंच गया। नहाने के दौरान रेहान अहमद, सैफ अमन, आफताब, शाहिद समेत उसके बाकी साथी तो तैरकर निकल गए लेकिन जमन अब्बास नही निकल पाया।
इससे बेचैन दोस्तों ने घटना की सूचना अपने परीजनो और इचाक पुलिस को दिया। सूचना पाकर इचाक थाना प्रभारी सन्तोष कुमार सदलबल घटना स्थल पर पहुंचे और स्थिती का जायजा लिया। घटना स्थल से जमन अब्बास का चप्पल और मोबाइल बरामद कर उसके साथ आए दोस्तों से पूछताछ किया। और शव को निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। शुक्रवार को एनडीआरएफ का रेस्क्यू टीम सुबह पांच बजे से जमन अब्बास के शव को डैम से निकालने की कोशिश करते रहे। रेस्क्यू ऑपरेशन शाम 6:30 तक जारी रहा। लेकिन 50 घंटे बाद भी जमन अब्बास का कहीं कोई पता नहीं चला।
घटना स्थल पर उपस्थित जमन अब्बास के कुछ दोस्त, परिजन समेत सैकड़ो लोग जमन के शव के निकलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जमन के मां पिता, दोस्त और परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है। रेस्क्यू के दौरान पुलिस उपाधीक्षक श्री नीरज, इंस्पेक्टर शाहिद रजा, बीडीओ सन्तोष कुमार गुप्ता, सीओ रामजी प्रसाद गुप्ता, थाना प्रभारी सन्तोष कुमार, एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर अमित कुमार, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ आरसी प्रसाद, गौतम कुमार समेत कई अधिकारी ओर जनप्रतिनिधि मौजुद थे।
चमेली झरना में पहले भी हो चुकी है कई मौतें
आसपास के ग्रामीणों की माने तो चमेली झरना नामक पत्थर खदान वर्षों से बंद पड़ा है। जंगल के बीच में स्थित होने के कारण यहां का प्राकृतिक दृश्य काफी मनोरम है। वहीं खदान में 100 से 150 फिट तक की गहराई है जिसने सालों भर पानी जमा रहता है। यही वजह है की लोग यहां खींचे चले आते हैं। यहां 20 अप्रैल 2023 को इचाक निवासी संजय कुमार मेहता के पुत्र प्रिंस कुमार अपने दोस्तो के साथ नहाने गया और खदान में डूबने से उसकी मौत हो गई। 21 अगस्त 2023 बरही के करसों गांव निवासी कुंती देवी अपने तीन बच्चों करण, रिया और आयुष कुमार के साथ खदान में डूब गई जिससे उनकी मौत हो गई।
कई जनप्रतिनिधियों ने खदान को बंद करने की मांग की
कांग्रेस प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ. आरसी मेहता, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, गौतम कुमार समेत कई जन प्रतिनिधि खदान में हुए मौतों का जिम्मेवार खनन विभाग को माना है। उन्होने कहा कि इस बंद पड़े पत्थर खदान को डेंजर जोन घोषित करते हुए जिला प्रशासन इस जगह को शील करते हुए खदान को चारों तरफ से बैरिकेट कर दें। ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृति न हो।
