निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । पशु चिकित्सा अस्पताल का गेट खोलते ही जर्जर छत का छज्जा गिर गया। जहां स्वास्थ्य कर्मचारी बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बच गये। घटना मिहिजाम पशु चिकित्सा केंद्र की है। इस परित्यक्त भवन में जिला प्रशासन ज़बरदस्ती अस्पताल चलवा रही है। अलबत्ता करोड़ों की लागत से हांसीपहाड़ी में बना भवन भ्रष्टाचार के चक्कर में धुल फांक रहा है। इस बात की जानकारी जिले के सभी आला अधिकारियों को है।
जामताड़ा जिले का मिहिजाम शहरी क्षेत्र दुग्ध उत्पादन पशुपालकों का हब है।
जहां प्रत्येक वार्ड में बड़ी संख्या में किसान पशुपालन से जुड़े हैं। यहां कुर्मीपाड़ा में पशु चिकित्सालय है। जो जर्जर है, आज जैसे ही अस्पताल का गेट खोला गया। वैसे ही बरामदे और रुम का छत भड़भड़ा कर ज़ोरदार आवाज़ के साथ गिरने लगा। मुश्किल से पीछे हट कर कंपाउंडर ने जान बचाई। यह है मिहिजाम पशु चिकित्सा केंद्र। जहां बाहर भीतर कहीं से भी भवन उपयोग करने के लायक नहीं है। फिर भी जिला प्रशासन संज्ञा शुन्य हो कर इसका उपयोग कर रही है। मौके पर पहुंचते ही बदहवास टेक्निकल स्टाफ ने जहां घटना की जानकारी दी। साथ ही जिले के सभी आला अधिकारियों के संज्ञान में अस्पताल चलने की पुष्टि की है।
इससे एक ओर जहां अनहोनी के आहट से रौंगटे सिहर उठा। वहीं दूसरी ओर इसी शहर में हांसी पहाड़ी में करोड़ों की लागत से पशु चिकित्सालय बना है। जिसमें ताला लगा है। जिसमें अस्पताल शुरू करने की अनुमति अधिकारी नहीं दे रहे हैं। इससे स्वास्थ्य कर्मचारी और पशुपालक दोनों दुर्घटना की आशंका से परेशान हैं।
