विष्णुगढ़ । विष्णुगढ़ के सोबरन काम्प्लेक्स में रविवार को विष्णुगढ़ विप्र समाज के द्वारा प्रखंड स्तरीय संस्कृत दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के पूर्व विप्र समाज विष्णुगढ़ के द्वारा इस मौके एक शोभायात्रा भी निकाली गईं जिसमें ” सर्वे भवन्तु सुखिन: , सर्वे संतु निरामया , अर्थात सभी सुखी रहें , सभी निरोगी रहें।इसी भावना के साथ संस्कृत को अपने जीवन में आत्मसात करने का आमजनों से अनुरोध भी किया गया। संस्कृत दिवस समारोह के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग भाजपा के पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय उपस्थित थे। मुख्य अतिथि श्री यदुनाथ पांडेय ने संस्कृत भाषा को प्राचीनतम भाषा बताया । कहा कि संस्कृत है तो संस्कृति है। संस्कृति है तो धर्म है। ब्राह्मण का यह कर्तव्य बनता है कि वह अपने धर्म एवं अपने संस्कृति की रक्षा अवश्य हीं करें।

ब्रह्मतत्त्व बचेगा तो ब्राह्मण बचेगा। श्री यदुनाथ पांडेय ने कहा कि ब्राह्मण सृजन करता है तो वे प्रलय भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत का न आदि है और न हीं अंत है । संस्कृत देवभाषा है ,ये देवताओं की भाषा है ‌। देवता मंत्र के वश में हैं, और मंत्र ब्राह्मण के वश में है। श्री पांडेय ने कहा कि हमारे यहां वासना नहीं है , हमारे यहां उपासना है। ब्राह्मण के विषय में उन्होंने कहा कि सृजन और प्रलय दोनों आपकी गोद में हैं ‌। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से विप्र समाज के प्रखंड अध्यक्ष रोहितानंद मिश्र , सचिव यशवंत कुमार मिश्रा , उपाध्यक्ष गणेश पाण्डेय , महादेव वैद्य , राजेन्द्र पांडेय , मार्गदर्शक मंडली के बीरेंद्र उपाध्याय , उमेश मिश्रा , राजेन्द्र दूबे , संजीत कुमार मिश्र , अमरकांत मिश्रा , एवं मनोज कुमार मिश्रा समेत काफी भारी संख्या में विप्र समाज के लोग उपस्थित थे।

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