रामावतार स्वर्णकार
इचाक: इको सेंसेटिव जोन संघर्ष समिति की एक बैठक शुक्रवार को प्रखंड के मोकतमा शिव मंदिर प्रांगण में हुई। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी रामलखन मेहता और संचालन पूर्व मुखिया इंद्रदेव मेहता ने किया। बैठक में सरकार द्वारा हजारीबाग आश्रयणी क्षेत्र के 186 वर्ग किमी एरिया का विस्तार कर 574 वर्ग किमी तक किए जाने और सेंसेटिव जोन का सीमा रेखा 1 किमी के बजाय 5 किमी किए जाने का एक स्वर में विरोध किया गया। जिला परिषद् अध्यक्ष उमेश मेहता ने इको सेंसेटिव जोन रूपी सरकार के काले कानून के खिलाफ़ एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि इस काले कानून के लागू हो जाने के बाद इसके अन्तर्गत पड़ने वाले प्रखंड के 81 गांव और जिले के 218 गांव का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा। समिति के अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि भागवत मेहता ने इको सेंसेटिव जोन से ग्रामीणों को होने वाले नुकसान के विषय में विस्तार से बताया।

कहा कि सरकार का ये काला कानून जनविरोधी और आदिम युग में ले जानेवाला है। रोजगार व्यापार तो जायेगा ही, पक्के मकान, पक्की सड़क, डीप बोरिंग पर भी पाबंदी होगी। बैठक में पूर्व उप प्रमुख चंद्रदेव मेहता, मुखिया मीना देवी, सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश मेहता, रामशरण शर्मा, गौतम कुमार, पूर्व मुखिया सुनिल मेहता ने भी अपनी बात रखी। इस दौरान इको सेंसिटिव जोन पंचायत कमेटी का गठन किया गया। जिसमे सर्व सम्मति से रामलखन मेहता को संरक्षक, बद्री मेहता को सह संरक्षक, सुरेंद्र कुमार मेहता को अध्यक्ष, बसन्त मेहता को उपाध्यक्ष, शुभम कुमार सोनी को सचिव, पप्पू मेहता और पंसस प्रतिनिधि छोटन मेहता को सह सचिव, रामावतार स्वर्णकार को कोषाध्यक्ष, रंजित कुमार को मीडिया प्रभारी मनोनित किया गया। वहीं मुखिया मीना देवी कार्यकारिणी समिति की अध्यक्ष बनी। इसके अलावा 21 सदस्यीय कार्यकारिणी सदस्य भी बनाया गया। मौके पर शिव कुमार, महेश मेहता, मनोज कुमार, अजय सिंह, बलदेव महतो, विजय सिंह, जनार्दन मेहता, सीकू कुमार, मंजू देवी, सावित्री देवी सोहनलाल मेहता

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