जीएम कॉलेज में विश्व बाल श्रम निषेध पर सेमिनार

रामावतार स्वर्णकार
इचाक । विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जीएम इंटर कॉलेज में सोमवार को एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में बताया गया कि बच्चे देश के भविष्य हैं इनसे इनका बचपना मजदूरी में व्यर्थ गंवाना उचित नहीं। इसी को ध्यान में रखकर 12 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर अलग-अलग देशों की सरकारें और उनके नीति निर्माता बाल मजदूरी की स्थिति का आकलन करते हैं। मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस को जिस रूप में आज हम मनाते हैं उनके लिए हमें एक लंबा सफर तय करना पड़ा है। देश के युवा होने के नाते हमें देश के विकास और वृद्धि के लिए अधिक जिम्मेदार होना चाहिए। इसलिए इस समस्या को अपनी दखल देकर रोकें।

छात्रा पल्लवी कुमारी ने कहा कि ” मासूम बचपन खोने पर बिलख रहा है विश्व, न रोका इसे जल्दी से तो, हर राष्ट्र खो देगा अपना भविष्य।” बाल श्रम एक बहुत बड़ा सामाजिक मुद्दा बन गया है, जो किसी भी राष्ट्र के विकास को अत्यधिक प्रभावित करता है। स्नातक द्वितीय की छात्रा अनुबाला और प्रतिमा कुमारी ने कहा कि – कुछ उद्यमी और व्यापारी अपने स्वार्थ के लिए भोले भाले मासूम बच्चों को दैनिक मज़दूर बना देते हैं । वो हमारे नजरिये से क्यों नहीं देखते, वो क्यों छोटे मासूम बच्चों को अपना बचपन नही जीने देते। वो क्यों बच्चों को उनके शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार से वंचित करते हैं। कार्यक्रम को प्रीति कुमारी, राधा कुमारी, मुस्कान कुमारी, रुचिका शर्मा, अनीशा कुमारी ने भी अपने अपने विचार रखे।

शिक्षकों ने छात्र छात्राओं को बताया कि बाल श्रम बच्चों की स्कूली शिक्षा को जारी रखने में बाधा उत्पन्न करता है क्योंकि यह उनके मानसिक सामाजिक और नैतिक रूप से परेशान करता है। हमे उन अभिभावकों को जागरूक करने की आवश्यकता है जिनके बच्चे पढ़ाई लिखाई खेलकूद भूलकर मजदूरी कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगम कुमारी, दीपक प्रसाद,आशीष कुमार पांडेय,अजीत हंसदा,रियाज अहमद,संजीत कुमार, राजकुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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