रामावतार स्वर्णकार
इचाक: भगवान विष्णु के छट्ठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव शनिवार को प्रखंड के मंगुरा स्थित महावीर स्थान में दो स्थानों पर अलग अलग ब्राह्मण समाज के द्वारा मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात् आचार्य विवेक कुमार पांडेय के के नेतृत्व में विधिवत पूजा अर्चना की गई। मुख्य अतिथि झारखण्ड कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष अमरेश गनक ने भगवान परशुराम के जीवनकाल का वर्णन करते हुए कहा कहा कि भगवान परशुराम का जन्म दिवस अक्षय तृतीया के दिन मनाया जाता है। ग्रंथों के अनुसार इस दिन किया गया पुण्य कार्य का प्रभाव कभी खत्म नहीं होता। इसलिए भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात करें। और सदैव समाजहित और जनहित का कार्य करें।
विशिष्ठ अतिथि जीवनदायिनी समाज कल्याण फाउंडेशन के राष्ट्रीय टीम लीडर डॉ राजेश तिवारी ने कहा कि भगवान की जयंती नहीं बल्कि जन्मोत्सव मनाया जाता है। भगवान परशुराम का जन्म काल सतयुग और त्रेता का संधिकाल माना जाता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता ने भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाए जाने पर ब्रह्मण समाज को बधाई दी। कहा कि जनहित में किया गया कार्य कभी बेकार नहीं जाता। कार्यक्रम में जीवनदायिनी समाज कल्याण फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश्वर दास, प्रवक्ता नंदकिशोर पाण्डेय, तुलेश्वर पाण्डेय, मुखिया प्रतिनिधि रामशरण शर्मा, समाजसेवी रामलखण मेहता, जदयू नेता अर्जुन मेहता ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता गणेश पाण्डेय और संचालन शिवशंकर पाण्डेय तथा पंसस महेंद्र पाण्डेय ने किया ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जय कुमार पाण्डेय, प्रिंस कुमार, प्रदीप पाण्डेय, शुभम पाण्डेय, परमानंद पाण्डेय, श्यामानंद पाण्डेय की भूमिका अहम रही। मौके पर पंसस प्रतिनिधि छोटन मेहता, रोहितानंद मिश्र, रामप्रसाद पाण्डेय, कोलेश्वर मिश्र, श्रीनिवास पाण्डेय, विजय पाण्डेय, बीपी सिंह, रितन मेहता, दिनेश्वर राणा, गिरधारी पाण्डेय, सुधा देवी, लक्ष्मी पाण्डे, विवेकानंद पाण्डेय, मालती देवी, सन्नू देवी, प्रदीप पाण्डेय, सतीश पाण्डेय, बैजनाथ पाण्डेय, सुधीर पाण्डेय, सरजू पाण्डेय समेत सैकड़ो लोग उपस्थित थे।
