रामावतार स्वर्णकार
इचाक:इचाक और पदमा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित चमेली खदान से मृतक प्रिंस कुमार के शव को 28 घण्टे बाद एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। गुरुवार को प्रिंस अपने बड़े भाई कुंदन और पांच अन्य दोस्तों के साथ चमेली झरना में नहाने गया था। जहां डूबने से उसकी मौत हो गई थी। गुरुवार को चौपारण से आए गोता खोरों ने शव को ढूंढने का काफ़ी प्रयास किया लेकीन नही मिला। उसके बाद जिला प्रशासन की पहल पर शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम ने सुबह सात बजे से ही शव को ढूंढना शुरू किया। इस दौरान आसपास के गांवों से काफ़ी लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। जिप अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता सुबह से ही घटना स्थल पर डटे रहे।
बरही एसडीओ पूनम कुजूर, भाजपा के वरिष्ट नेता बटेश्वर मेहता, पदमा सीओ मो. मुजाहिद्दीन, मुखिया प्रतिनिधि अभिषेक कुमार, मृतक के परिजन भी घटना स्थल पर मौजुद रहे। लगभग 8 घण्टे की कड़ी मशक्कत के बाद एनडीआरएफ की टीम ने प्रिंस के शव को बाहर निकाला। और पदमा थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हजारीबाग भेज दिया। इधर शव के बाहर निकलते ही परिजनों के चीत्कार से पुरा क्षेत्र गमगीन हो गया। मृतक के दादा मुंद्रिका प्रसाद, पिता संजय मेहता, भाई कुंदन, चाचा गणेश मेहता, मंटू मेहता, शंकर मेहता समेत पुरा परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं मां मालती देवी अपने कलेजे के टुकड़े को खोने का गम बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। वह बार बार अपने बेटे का नाम लेकर बेहोश हो जा रही है। प्रिंस अपने बड़े भाई कुन्दन के साथ ही हजारीबाग में रहकर संत स्टीफेन स्कूल में पढ़ाई करता था। दोनो ने एक साथ मैट्रिक की परीक्षा दी थी।
