निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । कभी बैंक अधिकारी बनकर तो कभी बिजली विभाग के पदाधिकारी बनकर तो कभी ई वॉलेट कंपनी के रिप्रेजेंटेटिव तो कभी ई-कॉमर्स कंपनी के प्रतिनिधि बनकर साइबर अपराधी ठगी की घटना को अंजाम देते रहते हैं लेकिन अब तो इन लोगों ने हद कर दी इस बार आर्मी के हवाला देकर साइबर अपराधियों ने ₹100000 की साइबर ठगी की घटना को अंजाम दिया है साइबर अपराधियों ने एक होटल संचालक को अपना शिकार बनाया और आर्मी का हवाला देते हुए 25 जवानों के भोजन बनाने का ऑर्डर दिया और भुगतान का समय आया तो क्यूआर कोड भेज कर उसके अकाउंट से 5 बार में लगभग ₹100000 की ठगी कर ली इस संदर्भ में पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई और जामताड़ा साइबर थाना को आकर इसकी सूचना दी है घटना बीते 8 अप्रैल की है।

साइबर ठगी का शिकार हुआ चितरंजन स्टेशन के सामने मिहिजाम थाना क्षेत्र स्थित साई होटल का संचालक निकेश साहू को बीते 8 अप्रैल को एक फोन कॉल आता है और उसे आर्मी अधिकारी बनकर 25 जवानों का खाना सप्लाई करने का आर्डर दिया जाता है निकेश समय बीमार होने की वजह से अस्पताल में भर्ती था उसने तत्काल अपने पिता को फोन किया और ऑर्डर की बात बताई पिता ने कहा कि और डर एक्सेप्ट कर लो तो उसने ऑर्डर एक्सेप्ट कर लिया और लगभग 2:30 बजे खाने की डिलीवरी का समय तय हुआ जब 2:30 बजे आर्मी का कोई भी प्रतिनिधि खाना लेने होटल नहीं पहुंचा तो निकेश ने उसी नंबर पर कॉल करके उसे खाना ले जाने को कहा तब उधर से फोन पर बताया गया कि सभी खाना को एक जगह रख कर उसकी फोटो सेंड कर दें ताकि उसके आधार पर गेटपास बनवाया जा सके तभी थाने की इंट्री कैंपस के अंदर होगी जब उसने भुगतान करने की बात कही तो उसने एक युवक को भेजे जाने की बात कही उस व्यक्ति ने होटल संचालक से कहा कि इसकी व कोड को स्कैन कर लो भारत सरकार के खाते से तुम्हारे खाते में राशि ट्रांसफर हो जाएगी पीड़ित व्यक्ति ने उसकी बारकोड को स्कैन किया और अपना यूपीआई का एक बार इस्तेमाल किया यूपीआई का इस्तेमाल करना था और उसके खाते से लगातार पांच बार में लगभग ₹100000 की अवैध निकासी होगा ।

जब पीड़ित होटल संचालक नीतीश को इस बात का एहसास हुआ कि वह फाइबर ठगी का शिकार हो गया है तो तत्काल उसने अपने मोबाइल को स्विच ऑफ कर दिया निकेश ने बताया कि उसका भाई जिस ब्रांच का प्रबंधक है उसी ब्रांच में उसका बैंक खाता था तत्काल उसने अपने भाई को फोन कर सारी जानकारी दी और उसके भाई ने उसके खाते को ब्लॉक कर दिया प्रवेश करने पर यस बैंक के खाते में राशि को ट्रांसफर किया गया था उसने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई और पूरी कहानी बता दी पोर्टल के माध्यम से पीड़ित को बताया गया कि उसके राशि को होल्ड कर दिया गया है और उसके बाद वहां के निर्देश पर उसने लोकल थाने में जाकर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए लेकिन लोकल थाने ने उसे साइबर थाना भेज दिया तबीयत खराब होने के कारण गुरुवार को हो जामताड़ा साइबर थाना पहुंचा और अपनी लिखित शिकायत थाना प्रभारी को दिया इस संदर्भ में थाना प्रभारी ने भी उसे आश्वासन दिया कि जब राशि होल्ड पर है तो संभावना है कि उक्त राशि उनके खाते में वापस हो जाएगी उन्होंने पोर्टल पर दी गई एक्नॉलेजमेंट नंबर के आधार पर छानबीन शुरू कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *