निशिकांत मिस्त्री
बड़ी संख्या में आदिवासी महिला पुरुषों ने सिद्धू कानू को श्रद्धा सुमन अर्पित किया
जामताड़ा । सारखेलडी शीतल कुटीर आवास में आजसू पार्टी द्वारा सिद्धू कानू के जन्म जयंती के उपलक्ष पर, आज बड़ी संख्या में आदिवासी महिला पुरुष कार्यकर्ता ने जननायक को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए याद करने का काम किया। इस मौके पर कई वक्ताओं में माने बेसरा, निमाई चंद्र सेन, अशोक सिंह ,रमेश पंडित,सुकदेव भंडारी, सीतामुनि हांसदा, मार्कोस मरांडी ने अपने विचारों से सिद्धू कानू को याद करने का अविस्मरणीय प्रयास किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव सह संथाल परगना प्रभारी तरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि आज सिद्धू कानू के जन्म जयंती के उपलक्ष पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहना चाहता हूं भोगनाडीह से इस जननायक ने संथाल में अंग्रेजों के शोषण के विरुद्ध जो हुल आंदोलन डुगडुगी बजाकर संथालीओं को एकजुट करके किया था, उस अविश्वसनीय आंदोलन को भुलाया नहीं जा सकता है।
जब अंग्रेजों ने तीन संथाल आदिवासी महिलाओं का अपहरण कर लिया था, उस समय अंग्रेजों की इस हरकत से संथाल में आक्रोश व्यक्त हो गया था ।उस समय इन दोनों भाइयों ने सखुआ की डाली और डुगडुगी बजाकर संथाल को एकजुट किया और अंग्रेजों संथाल छोड़ो के नारे के साथ आंदोलन करके अंग्रेजों को भगाने का कार्य किया ,उसी प्रकार आज हम सभी कार्यकर्ताओं को यह संकल्प लेकर के जाना पड़ेगा, कि अब झारखंड में दोबारा हुल आंदोलन की जरूरत है। इस आंदोलन के माध्यम से हम अपनी नियोजन नीति , स्थानीय नीति के साथ-साथ आदिवासी और मूलवासी की समस्याओं का समाधान के लिए लड़ाई लड़ने के लिए इस सरकार के विरोध में एक बिगुल फुकनी की जरूरत है ।आज जिस प्रकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई सरकार चल रही है, इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए संथाल में एक और हुल आंदोलन की जरूरत है ।इस महान जननायक की समक्ष हमें शपथ लेकर के इस लड़ाई को आगे बढ़ाने पड़ेगी। इस मौके पर महिलाओं ने सिद्धू कानू के गीतों से सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के पश्चात में बड़ी संख्या में आदिवासी पुरुष महिलाओं ने पैदल चलकर गांधी मैदान स्थित सिद्धू कानू प्रतिमा में तरुण गुप्ता के नेतृत्व में माल्यार्पण करके उन्हें याद करने प्रयास किया इस मौके पर रमेश सिंह रावत नवीन बात पिंटू यादव राजकिशोर मरांडी जितेंद्र मंडल आदि उपस्थित थे।
