निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । जामताड़ा, करमाटांड़ लहरजोड़ी पथ के विस्थापितों ने कांशीतांड में जामताड़ा करमाटांड़ पथ को जाम कर दिया। काला झरिया काशीटांड, शहरपुर,रघुनाथपुर सहित आसपास के कई गांव के सैकड़ों की संख्या में विस्थापित महिला तथा पुरुष ने पारंपरिक हथियार के साथ डुगडुगी लेकर सड़क को जाम कर दिया और मुआवजा देने की मांग करने लगे। मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं विस्थापितों का आरोप है कि वर्ष 2014 से सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ इस बाबत उन लोगों की जमीन अधिग्रहित की गई लेकिन आसपास के गांव के लोगों को मुआवजा दे दिया गया। लेकिन उन लोगों को मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने कहा कि मुआवजा की मांग को लेकर उन लोगों ने भू अर्जन कार्यालय से लेकर डीसी कार्यालय तक चक्कर लगाया लेकिन भुगतान की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है ।
इसलिए विवश होकर वे लोग सड़क जाम कर रहे हैं। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। खासकर जिला मुख्यालय, कोर्ट सहित अस्पताल आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़। मौके पर एसडीओ संजय पांडे, ङी टी ओ विकास तिर्की के द्वारा लोगों को समझाने का कार्य किया प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। एसडीओ संजय पांडे ने बताया की मुआवजा का देने का काम किया जा रहा है लेकिन कुछ स्थानों में रूल फ्लो नही होने के कारण इसमें देरी हो रही है। एक सप्ताह के अंदर समिति बनाकर हमलोग जाँच पड़ताल करेंगे जिसके बाद मुआवजा दिया जायेगा।
