निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । संथाल परगना खुदरा व्यवसाई संघ के अध्यक्ष रंजीत मंडल और महामंत्री अरुण चौधरी की उपस्थिति में व्यापारियों ने बाजार समिति के काला कानून के विरोध में कृषि मंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम सुभाष चौक में संपन्न किया गया। इस मौके पर संथाल परगना खुदरा व्यवसाई संघ के केंद्रीय अध्यक्ष तरुण गुप्ता ने कहा कि कृषि मंत्री बादल ने किसान विरोधी आम जनता विरोधी और व्यापारी विरोधी कृषि बाजार समिति नामक काला कानून लाकर झारखंड के किसान जनता और व्यापारी को समाप्त करने के लिए ही बिल पास कर अन्याय किया है यह सरकार पूरी तरह से जो छोटे-छोटे व्यापारी हैं जो प्रत्येक दिन मंडियों में कच्चा उत्पादन खरीद कर लाते हैं उस पर 2 परसेंट का बाजार समिति शुल्क लगाकर इंस्पेक्टर राज कायम करना चाहती है ।

इससे झारखंड में भ्रष्टाचार बढ़ेगा और छोटी-छोटी व्यापारियों पर जुल्म किया जाएगा यह कानून झारखंड जैसे गरीब प्रांत के लिए एक अभिशाप की तरह है पूर्व में भी सरकार ने इसे लाने का प्रयास किया था लेकिन व्यापारियों के विरोध के बाद इसे वापस लिया गया आज संथाल पढ़ना खुदरा व्यवसाय संघ सरकार को स्पष्ट रूप से चेतावनी देना चाहती है कि छोटे व्यापारी करुणा काल से ही पूरी कठिनाई की जिंदगी जी रहा है उनका घर परिवार अस्त-व्यस्त हो चुका है ऐसे में इस बिल के माध्यम से सरकार कोई जनता को फायदा तो नहीं पहुंचा सकती है बल्कि इस कानून के आड़ में भ्रष्टाचार का बढ़ावा मिलेगा पूर्व में भी 2015 के पहले तक कृषि विभाग में लगभग 300 करोड रुपए पड़े हैं ।

उसका आज तक कोई लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया कृषि मंत्रालय के द्वारा भारत सरकार के कृषि मंत्रालय ने झारखंड कृषि मंत्रालय को 2015-16 में 5.70 करोड़ और 2020 में 7.60 करोड़ रुपए दिए दोनों राशि मिलाकर 13.30 करोड़ रुपए दिए थे जिसमें से जिसमें से 4.30 करोड़ रुपए खर्च किए गए सामान मंगाकर बाकी 9 करोड़ रुपए अभी भी कृषि मंत्रालय में जमा है जब केंद्र का पैसा 9 करोड रुपए खर्च नहीं कर पाई और उसके साथ ही कृषि मंत्री बादल के द्वारा अपने पुराने कर्मचारी से काम न लेकर भ्रटाचार को बढ़ाने के लिए 30 व्यक्ति को अनुबंध पर रखा है ।

इससे किसी मंत्री की मनसा साफ जाहिर होती है कि उसे सरकार का राजस्व नहीं बढ़ाना है उन्हें भ्रष्टाचार के माध्यम से अफसरशाही के माध्यम से झारखंड के किसान झारखंड के व्यापारियों और आम जनता को काला बिल के माध्यम से महंगाई की भट्टी में झोंक देना है कृषि मंत्री की मनसा झारखंड के व्यापारी आम जनता और किसान जान चुके हैं और उनकी मनसा को सफल नहीं होने देंगे कांग्रेस पार्टी के कई विधायकों ने ही कहा है बादल पत्रलेख का यह कदम एकदम गलत है और उन्हें राज्य की जनता राजकीय व्यापारी और राज्य के किसान के हित में इसे तुरंत रद्द कर देना चाहिए लेकिन यह हट धर्मी मंत्री मानने को तैयार है लेकिन हम व्यापारी हम किसान और हम जनता इस कानून को रद्द करवा कर ही रहेंगे ।

कृषि बाजार समिति काला बिल के तहत आज कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला फूंक कर जामताड़ा के के साथ-साथ नाला कुंडहित फतेहपुर मिहिजाम कर्माटांड़ नारायणपुर के व्यापारियों ने पुतला फूंक कर विरोध कर रहे हैं साथी एवं सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन को कृषि मंत्री बादल पतले को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर झारखंड के व्यापारी आम जनता और किसान को राहत देने का काम करें और नहीं तो इसके बुरे परिणाम भुगतने के लिए राज सरकार तैयार रहे। मौके पर मनोज बरनवाल,सुबोद मण्डल,गुड्डू बरनवाल, लादेन, अशोक तिवारी,अभय बरनवाल,अयूब अंसारी,उमेश चौधरी,जफर अंसारी,सुख लाल मरांडी,अस्वनी मंडल,अहमद अंसारी के साथ संथाल परगना खुदरा व्यापारी संघ की बड़ी संख्या में व्यापारी बंधु उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

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