निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । मां चंचला की पावन धरती जामताड़ा में आयोजित ऐतिहासिक त्रिदिवसीय मां चंचला दशम वार्षिक महोत्सव बुधवार को कलश विसर्जन के साथ सुसंपन्न हो गया। पिछले तीन दिनों से पूरा शहर महोत्सव के उत्साह और उमंग में डूबा हुआ था। जिले भर के लोगों का जामताड़ा की कुल देवी मां चंचला की मंदिर में पिछले तीन दिनों से दर्शन के लिए श्रद्धालु का तांता लगा हुआ था। मां चंचला दशम वार्षिक महोत्सव के उपलक्ष में तीन दिन तक भव्य पूजा अनुष्ठान का आयोजन हुआ।महोत्सव के तीसरे दिन भव्य हवन अनुष्ठान का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य यजमान के रूप में वीरेंद्र मंडल अपने परिजनों के साथ हवन पूजा में सम्मिलित हुए।
हवन अनुष्ठान में भाग लेने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। हवन अनुष्ठान के बाद मंदिर प्रांगण में कुंवारी कन्या भोजन, उसके बाद ब्राह्मण भोजन का आयोजन किया गया। महोत्सव समिति अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने अपने हाथों से कुंवारी कन्या और ब्राह्मणों को भोजन कराया और ब्राह्मणों का दान दक्षिणा दिया। भव्य ऐतिहासिक कलश यात्रा के तीसरे दिन कलश विसर्जन ने हजारों महिलाओं और पुरुषों की भीड़ उमड़ पड़ी। कलश यात्रा के तरह ही कलश विसर्जन भव्य रूप से सुसंपन्न हुआ। कलश विसर्जन के उपरांत महोत्सव समिति के द्वारा शहरवासियों के भंडारे का आयोजन किया गया था।
जिसमे हजारों लोगों सम्मिलित हुआ। मां चंचला दशम वार्षिक महोत्सव के समापन समारोह के सुअवसर पर रात्रि भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।महोत्सव समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने कहा की मां चंचला ऐतिहासिक दशम वार्षिक महोत्सव का कलश विसर्जन के साथ त्रिदिवसीय भव्य अनुष्ठान सुसंपन्न हो गया। इस दशम वार्षिक महोत्सव ने कई एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए। यह अब तक का झारखंड प्रदेश में सबसे ज्यादा समय तक लंबा चलने और सबसे ज्यादा संख्या में श्रद्धालुओं के भाग लेने वाली कलश यात्रा साबित हुई ।
इस पूरे त्रिदिवसीय कार्यक्रम के दौरान पूरे जामताड़ा में कुंभ सा माहौल बना रहा। मैं तमाम महोत्सव समिति के तमाम अधिकारीगण ,सदस्यों और स्वयं सेवकों के प्रति आभार प्रकट करता हूं। मैं सभी जामताड़ा जिले वासियों ,बुजुर्ग गण, व्यवसाई वर्ग,समाज सेवी संगठनों,मारवाड़ी युवा मंच सहित उन तमाम भक्तजनों जिन्होंने प्रत्यक्ष ,अप्रत्यक्ष रूप से शारीरिक,मानसिक और आर्थिक रूप से योगदान देकर इस दशम वार्षिक महोत्सव को ऐतिहासिक बनाया। उन सभी को प्रति में दिल से आभार प्रकट करता हूं।इस महोत्सव को सबसे खास बात की तीन दिनों तक पूरे जामताड़ा वासियों ने दीपोत्सव के रूप में मनाया, उन सभी भक्तो को बहुत बहुत धन्यवाद।सभी के सहयोग से आने वाला 11 वा वार्षिक महोत्सव इससे भी भव्य और ऐतिहासिक रूप से बने, यही मैं मां चंचला से मंगल कामना करता हूं और सभी स्वस्थ और दीर्घायु रहे।
