प्रशाशन मूकदर्शक
रामावतार स्वर्णकार
हजारीबाग/इचाक । सूर्य उपासना और लोक आस्था का महापर्व को लेकर प्रखंड के विभिन्न छठ घाटों की साफ सफाई, रंग रोगन और विद्युत सज्जा स्थानीय लोगों के सहयोग से किया गया। घाटों की साफ सफाई और छठ व्रतियों को सुविधा देने के नाम पर हर साल की तरह इस साल भी प्रशाशन मौन रहा। वहीं क्षेत्र के कई धर्म प्रेमियों ने जाति धर्म और भेद भाव की दुर्भावना को दरकिनार करते हुए छठ घाटों की सफाई में व्यस्त दिखे। प्रखंड के ऐतिहासिक सूर्य मंदिर तालाब, मोदी पोखर, बाबू पोखर, रानी पोखर, करियतपुर तालाब, अलौंजा स्थित सेवाने नदी समेत विभिन्न छठ घाटों की साफ सफाई स्थानीय युवाओं ने की।
जलौंध स्थित छठ घाट की साफ सफाई स्थानीय युवाओं ने श्रमदान कर किया। वहीं मोकतमा से लगभग तीन किमी दूर मोक्तमा नदी स्थित छठ घाट तक छठ घाट की साफ सफाई और विद्युत सज्जा में स्थानीय यूवा संदीप कुमार, सोनू, उपेन्द्र, अमरजीत, नीतीश की भूमिका अहम रही। मोकतमा गांव निवासी संदीप कुमार ने निजी रुप से तीन किमी लंबी विद्युत सज्जा का बीड़ा उठाया। उसके इस कार्य की गांव के लोग भूरि भूरि प्रशंशा कर रहे हैं।
छठ पूजा में प्रशाशन का सहयोग नहीं, स्थानीय लोग देते हैं एकजुटता का परिचय : मुखिया
आदर्श पंचायत परासी के मुखिया और भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक कप्परदार और भाजपा मंडल अध्यक्ष सुभाष सोनी ने कहा कि छठ घाटों की साफ सफाई में कभी प्रशाशन ने सहयोग नहीं किया। स्थानीय धर्मप्रेमी लोग जाति धर्म और भेद भाव से ऊपर उठकर सामूहिकता का परिचय देते हुए छठ घाटों की साफ सफाई और विद्युत सज्जा करते हैं।
