रामावतार स्वर्णकार
इचाक । प्रखंड के अति सुदूरवर्ती और उग्रवाद प्रभावित डाडीघाघर पंचायत में एक भी पक्की सड़क नहीं है। जिससे यहां के लोगों का विकास नगण्य है। समस्या को लेकर मुखिया नंदकिशोर मेहता ऊर्फ नंदू मेहता ने केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ओर क्षेत्र की सांसद अन्नपूर्णा देवी को एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें कहा गया है कि डाडीघाघर पंचायत के दुर्गम पहाड़ी की तराई में बसे प्रखंड के सुदीरवर्ती और उग्रवाद प्रभावित गरडीह, सालुजाम, धरधरवा, पुरंपनिया, सिमरातरी, डाडीघाघर गांवों तक जानें के लिए आज तक कोई सड़क नहीं बन पाया है।
किसके कारण इन गांवों के लोग पगडंडियों के सहारे आने जानें को मजबूर हैं। इस परिस्थिति में कई बार ग्रामीण हादसों के शिकार हुए हैं। मेडिकल इमरजेंसी में मरीज को खाट पर लादकर लाने की परंपरा अभी भी कायम है। जिसके कारण समय पर मेडिकल सुविधा उपलब्ध नही होने के कारण कईयों ने रास्ते में ही दम तोड दिया। सुदूरवर्ती क्षेत्र में सड़क समस्या के कारण आवागमन की सुविधा के अभाव में बच्चे गांव के स्कूल के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते। वहीं रोजगार न मिलने के कारण अधिकतर युवा पलायन कर जाते हैं।
उन्होंने सांसद से पंचायत के सिमरातरी में महेंद्र सिंह के घर से पुरंपनिया स्कूल तक, गरडीह में बाजो सिंह के घर से गंगादह सालुजाम से नारायण सिंह के घर होते हुए धरधरवा तक तथा डाडीघाघर में चंदर महतो के घर से पिपराटोली, तुरी विद्यालय होते हुए डाडीघाघर स्थित गीता देवी के घर तक पक्की सड़क बनाने और दरिया चौक से फुफंदी तक आरइओ पथ की मरम्मती का मांग किया। वहीं अलौंजा पंचायत के मुखिया ने बोधी बागी पीडब्ल्यूडी रोड से अलौंजा तक आरईओ पथ की मरम्मती तथा सड़क निर्माण संघर्ष समिति के द्वारा इचाक से नगवां वाया साडम, चंदवारा के जर्जर सड़क के नवनिर्माण हेतू ज्ञापन सौंपा।
