धनबाद । “मेरा बेटा अपराधी था… मार दिया… अच्छा किया… लेकिन बाकी 2 अपराधी को थाना में रखकर क्या पुलिस अचार डाल रही है… पुलिस में दम है, तो चार बचे हुए अपराधियों को गोली मारकर दिखाएं… यह एक मां की फरियाद हैं, क्योंकि अपराधी तो चारों है। यह कहना था धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अपने बेटे शुभम का शव देखने के लिए घंटों इंतजार करती उसकी मां-बहन और परिजन का।
पुलिस की गोली से मरा अपराधी शुभम कुमार की मां- नाबालिग बहन और परिजन कल से अपने मृत बेटे का शव देखने के लिए तड़प रहे हैं।

वही पोस्टमार्टम हाउस में घंटों इंतजार करने के बाद भी मृत बेटे का चेहरा नहीं दिखाया गया, तो मां-बहन और परिजन ने आपा खो दिया। इस दौरान मुथूट फिनकॉर्प मामले में पुलिस की गोली से मारा गया भूली निवासी शुभम कुमार के परिजनों ने मीडिया के सामने सरकारी व्यवस्था पर उंगली उठाई। उन्होंने रोते बिलखते हुए कहा कि जब पुलिस ने उनके बेटे को गोली मार दी है, तो फिर शव क्यों नहीं दिखाया जा रहा है? पोस्टमार्टम हाउस के प्रवेश द्वार पर घंटों इंतजार करने के बाद भी बुधवार को दिन 12:45 तक शव परिजनों को सौंपा नहीं गया। जिसको लेकर परिजन आक्रोशित दिखें।

वही परिजन शव देखे बगैर वापस अपने घर भूली चले गए, क्योंकि वहां के जिम्मेवार अधिकारियों ने बताया कि जब तक भूली थाना प्रभारी पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचेंगे, तब तक उन्हें शव नहीं सौंपा जाएगा।
मालूम हो कि बुधवार की सुबह से ही पुलिस की गोली से मारे गए अपराधी शुभम कुमार की मां, नाबालिक बहन, दादा, पिता समेत कई रिश्तेदार शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पोस्टमार्टम हाउस में बैठे हुए थे। लेकिन घंटों गुजर जाने के बाद भी किसी ने सही जवाब नहीं दिया तो परिजन आक्रोशित होकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

परिणाम स्वरूप पोस्टमार्टम हाउस ने भूली थाना प्रभारी के आए बगैर शव देने से इनकार किया। जिसके उपरांत परिजन वापस अपने निवास स्थान भूली चले गए।

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