धनबाद । राज्य के बहुचर्चित उत्तम आनंद जज हत्याकांड मामले में शनिवार को धनबाद के सीबीआई न्यायालय में दोनों अपराधी को अंतिम सांस तक जेल में कैद में रखने का फैसला सुनाया गया। वही जुर्माने के तौर पर 25 हजार रुपये जमा कराने का आदेश दिया गया। इस संबंध में फैसला आया कि दोनों अपराधियों ने न्यायपालिका पर सुनियोजित तरीके से हमला करते हुए हत्या की घटना को अंजाम दिया है। जिसके लिए अपराधियों ने ऑटो की चोरी कर बड़े ही शातिराना तरीके से जज उत्तम आनंद की हत्या कर दी गयी। ऐसे लोगों के बाहर रहने से न्यायपालिका के लोगों पर खतरा बना रहेगा। इस वजह से अपराधियों को अंतिम सांस तक जेल में बंद रहने का रखने की सजा सुनाई गई।
लोगों को अंदाजा था कि उनकी प्रथम पुण्यतिथि के मौके पर न्यायालय अपना फैसला सुनाएगी और दोषियों को सजा दी जाएगी। लेकिन गुरुवार को सीबीआई कोर्ट में लंबी बहस के बाद मामले में फैसला नहीं सुनाया जा सका। उनकी प्रथम पुण्यतिथि के दिन सीबीआई कोर्ट ने दोनों आरोपी को हत्या का दोषी माना। जिसमें सजा आज शनिवार को सुनाई गयी।
इस फैसले को लेकर दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। जज उत्तम आनंद हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई चल रही है। ठीक एक साल पहले जज उत्तम आनंद की मॉर्निंग वॉक के दौरान मौत हो गई थी। जब 28 जुलाई 2021 को मॉर्निंग वॉक के दौरान उन्हें ऑटो ने टक्कर मार दिया था।
जिसमें आरोपी ऑटो ड्राइवर और उसके सहयोगी दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरिडीह से ऑटो बरामद हुआ था। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः मामले में संज्ञान लिया था, पिछले साल अगस्त में सीबीआई को मामले की जांच सौंपी गई थी। 169 गवाहों में से 58 के बयान दर्ज हुए हैं। इस फैसले पर धनबाद समेत पूरे प्रदेश की नजर है। इस पूरे केस को एक साजिश माना गया था। ये मामला उच्चतम न्यायालय भी पहुंचा था। बाद में हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में मामले की छानबीन सीबीआई ने शुरू की। धनबाद के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत ने इस मामले का स्पीडी ट्रायल किया। पांच महीने में 58 गवाहों का बयान दर्ज किया गया।
अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद 28 जुलाई 2022 की तारीख जजमेंट के लिए निर्धारित कर दी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की क्राइम ब्रांच के स्पेशल पीपी अमित जिंदल ने आरोप पत्र के कुल 169 गवाहों में से 58 गवाहों का बयान दर्ज कराया था। सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा ने जानबूझकर जज साहब को टक्कर मारी जिससे उनकी मौत हुई। जज उत्तम आनंद 28 जुलाई 2021 को घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे।
