निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । शहर के एकमात्र खेल मैदान जामताड़ा इंडोर स्टेडियम में इन दिनों खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस मैदान में बच्चों और युवाओं को क्रिकेट समेत अन्य खेलों की प्रैक्टिस करनी चाहिए, वहां कोयला लदे दो भारी-भरकम ट्रक खड़े कर दिए गए हैं। जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा 10 अक्टूबर 2026 को जब्त किए गए इन दोनों ट्रकों को स्टेडियम परिसर में खड़ा किए जाने से खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। इसे लेकर स्थानीय खिलाड़ियों में नाराजगी है। खेल मैदान में खड़े हैं 12 चक्का वाले विशाल ट्रक स्टेडियम परिसर की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि खेल अभ्यास के लिए निर्धारित स्थान पर 12 चक्का वाले विशाल ट्रक खड़े हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को ट्रकों के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे न केवल क्रिकेट की प्रैक्टिस में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि मैदान के उपयोग और उसकी स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि जामताड़ा शहर में खेल-कूद और अभ्यास के लिए सीमित सुविधाएं उपलब्ध हैं। इंडोर स्टेडियम शहर के खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है, जहां बच्चे और युवा नियमित रूप से अभ्यास करने आते हैं। ऐसे में जब्त वाहनों को स्टेडियम परिसर में खड़ा कर देने से खिलाड़ियों को काफी परेशानी हो रही है। खिलाड़ियों के अभ्यास पर पड़ रहा असर
खिलाड़ियों का कहना है कि खेल मैदान का उपयोग खेल गतिविधियों के लिए होना चाहिए। भारी वाहनों को यहां खड़ा करने से अभ्यास के लिए उपलब्ध जगह कम हो जाती है। साथ ही, मैदान में भारी ट्रकों की आवाजाही और लंबे समय तक उनके खड़े रहने से मैदान को नुकसान पहुंचने की आशंका भी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब्त वाहनों को रखने के लिए जिला प्रशासन के पास कोई निर्धारित स्थान या यार्ड उपलब्ध नहीं है? यदि यार्ड की व्यवस्था है, तो फिर शहर के महत्वपूर्ण खेल परिसर में कोयला लदे ट्रकों को क्यों खड़ा किया गया है? क्या इन वाहनों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर नहीं रखा जा सकता?
प्रशासन से ट्रकों को हटाने की मांग
इस मामले में स्थानीय खिलाड़ियों ने प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की है। वहीं, आदित्य न्यूज ब्लॉग की ओर से भी जिला प्रशासन से अपील की गई है कि स्टेडियम परिसर में खड़े दोनों जब्त ट्रकों को जल्द से जल्द हटाकर किसी निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि खिलाड़ियों को निर्बाध रूप से अभ्यास करने का अवसर मिल सके।
खेल मैदान किसी भी शहर के बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण केंद्र होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि खेल परिसर का उपयोग खेल गतिविधियों के लिए सुनिश्चित किया जाए और जब्त वाहनों को रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और खिलाड़ियों को कब तक इस परेशानी से राहत मिलती है।
