24 घंटे में खुला मर्डर मिस्ट्री का राज

रामावतार स्वर्णकार
इचाक । थाना क्षेत्र के बोंगा गांव में बीते 14 अगस्त की रात हुए युवक की सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में उद्भेदन कर लिया है। पुलिस के अनुसार मृतक बीरेंद्र कुमार प्रजापति (उम्र करीब 40 वर्ष) पिता नुनु प्रजापति की हत्या उसकी पत्नी संजू देवी उम्र (करीब 29 वर्ष) ने अपने कथित प्रेमी रंजन कुमार मेहता (उम्र करीब 24 वर्ष) के साथ मिलकर किया है। पुलिस ने घटना के बाद आरोपी पत्नी संजू देवी को उसके घर से और उसके प्रेमी रंजन कुमार मेहता, पिता स्व. अशोक मेहता ग्राम बोंगा निवासी को करियातपुर से गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी गौतम कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस मर्डर मिस्ट्री का राज़ खोला।

प्रेम प्रसंग में रोड़ा बनना बीरेंद्र को पड़ा महंगा

इचाक पुलिस ने दावा किया कि आरोपी संजू देवी और रंजन के बीच पिछले दो वर्षों से अवैध प्रेम संबंध था और बीरेंद्र इसमें दीवार बन रहा था। बीरेंद्र बार बार पत्नी को रंजन से दूरी बनाने की हिदायत देता था। इधर संजू देवी रील बनाने की शौकीन थीं। जिससे उसके पति बीरेंद्र को ऐतराज था। इसी कारण दोनों पति पत्नी में आए दिन किचकिच होता रहता था। जिसके बाद दोनों ने मिलकर बीरेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

संजू और रंजन ने मिलकर किया बीरेंद्र की हत्या

गिरफ्तार घटना के आरोपी संजू देवी और रंजन कुमार मेहता ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे संजू देवी ने अपने आशिक रंजन को अपने कमरे में बुलाया और दोनों ने मिलकर नींद में सो रहे बीरेंद्र का पैर बांध दिया फिर रंजन ने ही बीरेंद्र का गला दबा कर उसकी हत्या कर दी। रात करीब एक बजे रंजन संजू के कमरे से बाहर चला गया।

पुलिस की तत्परता से 24 घंटे में खुला मर्डर मिस्ट्री का राज

15 अगस्त को सुबह परिजनों ने पुलिस को बीरेंद्र के संदिग्ध मौत की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गौतम कुमार सिंह, पुअनि संतोष कुमार, पुअनि नंदकिशोर दास और सशस्त्र बल घटना स्थल पर पहुंच कर जांच शुरू कर दिया। और पत्नी संजू देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर संजू ने अपराध स्वीकार किया। इधर मृतक बीरेंद्र के पिता नुनु प्रजापति के आवेदन पर इचाक थाना कांड संख्या 140/26 के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मां की कारगुजारी से तीन बच्चे हुए अनाथ

बताते चलें कि मृतक बीरेंद्र मुंबई में मजदूरी करता था। वह कुछ दिन पहले ही अपना घर आया था। बीरेंद्र प्रजापति के एक बेटी अंशु कुमारी (12), दो बेटे आदित्य राज (9) और अयांश राज (7) हैं। घटना के बाद तीनों बच्चे अनाथ हो गए। उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हर की घटना से स्तब्ध है। सभी के जुबां से बस यही बात निकल रही है कि आखिर इन बच्चों का लालन पालन कौन करेगा??

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