झामाडा को 11 सूत्री मांगपत्र सौंपा, शीघ्र समाधान नहीं होने पर कांग्रेस करेगी व्यापक जनआंदोलन
जोरापोखर। झरिया क्षेत्र में पिछले सात दिनों से पूरी तरह बाधित जलापूर्ति एवं वर्षों से चली आ रही पेयजल संकट की समस्या को लेकर धनबाद की लोकप्रिय कांग्रेस नेत्री श्रीमती अनुपमा सिंह के नेतृत्व में आज एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण (झामाडा) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक से मुलाकात का प्रयास किया। अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के कार्यालय में अनुपस्थित रहने के कारण प्रतिनिधिमंडल ने टेक्निकल मैनेजर श्री भगत एवं माडा प्रभार श्री सामंता को विस्तृत 11 सूत्री मांगपत्र सौंपकर अविलंब कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर श्रीमती अनुपमा सिंह ने कहा कि झरिया क्षेत्र की जनता पिछले लगभग दस वर्षों से एक दिन छोड़कर होने वाली जलापूर्ति की व्यवस्था झेलने को विवश है। वहीं पिछले सात दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप रहने के कारण हजारों परिवार गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अमानवीय एवं प्रशासनिक उदासीनता का परिचायक है।
उन्होंने कहा कि झामाडा की पहली प्राथमिकता झरिया की जनता को नियमित, पर्याप्त एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना होनी चाहिए। विभाग को तत्काल बाधित जलापूर्ति बहाल करते हुए सभी क्षेत्रों में प्रतिदिन निर्धारित समय पर पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही, जिन क्षेत्रों में 24 घंटे से अधिक समय तक जलापूर्ति बाधित रहती है, वहां बिना किसी विलंब के टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
श्रीमती सिंह ने मांग की कि वर्षों से अनियमित जलापूर्ति से प्रभावित उपभोक्ताओं को जलकर में 60 प्रतिशत की विशेष रियायत दी जाए। जलकर बिलों में व्याप्त अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जामाडोबा फिल्ट्रेशन प्लांट से लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की पाइप चोरी की घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि जनता की बुनियादी जरूरतों की लगातार अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि झरिया क्षेत्र की पेयजल समस्या का शीघ्र एवं स्थायी समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी जनता को साथ लेकर चरणबद्ध एवं व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी झामाडा प्रबंधन एवं जिला प्रशासन की होगी।प्रतिनिधि मंडल में सतपाल सिंह, ब्रोका, पप्पू सिंह, अरुण रवानी एवं संजीव कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
