लापरवाह डॉक्टर और पुलिस अधिकारी का सीएम-डीजीपी से करेंगे शिकायत : ज्योति सिंह मथारू
पाथरडीह । जोरापोखर थाना क्षेत्र के फुसबंगला में तीन माह पूर्व दुकान खाली कराने को लेकर हुए विवाद में नाबालिग पोता-पोती पर कथित तौर पर तेजाब फेंकने के मामले में झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू ने संज्ञान लेते हुए मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर जांच की। उन्होंने सिंदरी एसडीपीओ को मामले की फिर से सही जांच कर कार्रवाई करने और झरिया सीओ को दुकान खाली कराने का निर्देश दिया। साथ ही लापरवाह अधिकारियों का मुख्यमंत्री और डीजीपी से शिकायत की बात कही।
घटना के संबंध में बताते चलें कि बिगत 25 अप्रैल 2026 को फुसबंगला में दुकान मालिक सरदार यशवीर सिंह और भाड़ेदार जितेंद्र के बीच दुकान खाली कराने को लेकर मारपीट हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान भाड़ेदार ने श्री सिंह के नाबालिग पोता सोनू सिंह और पोती प्रीति कौर पर तेजाब फेंककर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
पीड़ित यशवीर सिंह बीसीसीएल से सेवानिवृत हैं। उनका आरोप है कि भाड़ेदार ने दुकान के आड़ में उनका एक घर भी कब्जा कर लिया है और भाड़ा देने में कोताही बरत रहा है। खाली करने को कहने पर मारपीट और अश्लील हरकतें की जाती।
पीड़ित की पत्नी बलविंदर कौर की शिकायत पर आयोग के उपाध्यक्ष ने दौरा किया।
जांच के दौरान सामने आया कि चासनाला अस्पताल के डॉक्टर और केस के अनुसंधानकर्ता ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट कमजोर बना दी, जिसके चलते आरोपी को न्यायालय से जमानत मिल गई।
इस पर आयोग के उपाध्यक्ष ने थाना प्रभारी को फटकार लगाई और सिंदरी एसडीपीओ प्रकाश चंद्र महतो को निर्देश दिया कि एसएनएमसीएच अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर मामले की फिर से सही जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
ज्योति सिंह मथारू ने कहा, एक लाचार व्यक्ति अपनी जीविका के लिए दुकान भाड़े पर देता है। उसके साथ मारपीट और एसिड अटैक करना गंभीर मामला है। इसमें सरकारी डॉक्टर और पुलिस की लापरवाही घटना से भी ज्यादा गंभीर है। ऐसे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ आयोग जल्द ही मुख्यमंत्री और डीजीपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेगा।
आयोग के उपाध्यक्ष ने झरिया सीओ मनोज कुमार को दो दिनों के अंदर भाड़ेदार से दुकान खाली कराने का निर्देश दिया।
दौरे के दौरान उपाध्यक्ष ने एक अन्य मामले में सरदार तेजिंदर सिंह तथा मकान मालिक अनिल कपिला और सुनील कपिला के बीच चल रहे विवाद की भी जांच की।
जांच के दौरान झरिया सीओ मनोज कुमार, थाना प्रभारी उदय कुमार गुप्ता, कांग्रेस प्रदेश महासचिव शमशेर आलम, सतपाल सिंह ब्रोका, मुख्तार खान, महेंद्र सिंह मीनू उपस्थित थे।
