सर्कस मैदान बना रणभूमि, एसडीपीओ की समझौता वार्ता हुआ विफल
जोरापोखर। कोयलांचल के बहुचर्चित गणेश महोत्सव डिगवाडीह सर्कस मैदान में इस वर्ष 38वें गणेश महोत्सव को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को तीसरे गुट द्वारा नई कमिटी गठन और दोबारा भूमि पूजन की कोशिश के दौरान पुरानी कमिटी से टकराव हो गया। दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई, जिससे पूरा मैदान रणभूमि में तब्दील हो गया। सिन्दरी एसडीपीओ की करीब 2 घंटे की समझौता वार्ता भी बेनतीजा रही।
बताते चलें कि बर्तमान पूजा कमिटी द्वारा 16 जुलाई को भूमि पूजन कर महोत्सव की तैयारी शुरू की जा चुकी है। कमिटी की अगुवाई अध्यक्ष जगजीवन राम, कार्यकारी अध्यक्ष एमके ठाकुर, सचिव मोहन यादव, संयुक्त सचिव दिनेश यादव और कोषाध्यक्ष उत्सव राम कर रहे हैं।
रविवार को शैलेन्द्र खरवार और पूर्व मेला संचालक पवन प्रजापति के नेतृत्व में तीसरे गुट ने नई कमिटी गठन के लिए आमसभा बुलाई और फिर से भूमि पूजन करने पहुंचा। पुरानी कमिटी ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और लात-घूसे चलने लगे। मैदान में अफरातफरी मच गई।
सूचना मिलते ही जोरापोखर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीन लोगों को हिरासत में लिया। घटना के बाद दोनों गुटों के समर्थक बड़ी संख्या में थाना पहुंच गए और एक-दूसरे पर पूजा के पैसे में लूट-खसोट का आरोप लगाकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ना पड़ा।
तनाव बढ़ने पर सिन्दरी एसडीपीओ प्रकाश चंद्र महतो और झरिया थाना प्रभारी जोरापोखर थाना पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने दोनों गुटों के साथ करीब 2 घंटे तक समझौता वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे।
बाद में झामुमो के एक वरिष्ठ नेता के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया।
कमिटी के अध्यक्ष जगजीवन राम और सचिव मोहन यादव ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर विरोधी गुट पर महोत्सव में खलल डालने का आरोप लगाया है।
वहीं विरोधी गुट का कहना है कि वर्तमान कमिटी मेला से होने वाली लाखों रुपये की आय से गणेश मंदिर बनाने के बजाय उसका दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने पुरानी कमिटी भंग कर नई कमिटी को महोत्सव सौंपने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 15 वर्षों का हिसाब और मंदिर निर्माण की मांग को लेकर एक गुट ने भूमि पूजन का विरोध किया था। तब थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद विरोधी गुट के नेता को कमिटी में शामिल कर मामला सुलझाया गया था। सिंदरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रकाश चंद्र महतो ने कहा, पूजा कराना पूजा कमिटी और स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी है। पुलिस का काम विधि-व्यवस्था देखना है, जिसके लिए पुलिस सतर्क है।
फिलहाल डिगवाडीह सर्कस मैदान और आसपास पुलिस बल तैनात है। महोत्सव से पहले विवाद के कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
