निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस में बाल तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। चाइल्ड हेल्पलाइन, आरपीएफ और बालगृह की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया, जबकि इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तस्कर झाझा रेलवे स्टेशन से सात बच्चों को जनशताब्दी एक्सप्रेस के डी-17 कोच में बैठाकर पश्चिम बंगाल ले जा रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों से वहां बाल श्रम कराया जाना था। मामले की सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और बालगृह की संयुक्त टीम ने चितरंजन रेलवे स्टेशन पर अभियान चलाया। टीम ने ट्रेन की तलाशी लेकर सभी सात बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और मौके से तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार कर लिया।
बालगृह के अधीक्षक सुजीत गोस्वामी ने बताया कि बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के निर्देशानुसार सभी बच्चों को फिलहाल संरक्षण के लिए बालगृह में रखा जाएगा। बच्चों की काउंसलिंग के साथ-साथ उनके परिजनों का पता लगाने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं, गिरफ्तार तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा बच्चों को किस उद्देश्य से पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न बिंदुओं पर जांच जारी है। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने और इसमें शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।
