निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । जिले में बिना पंजीकरण संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, पॉलीक्लिनिक और क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्र ने स्पष्ट किया है कि जामताड़ा जिले में वर्तमान में केवल 21 निजी क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट ही स्वास्थ्य विभाग से विधिवत पंजीकृत हैं। इनके अलावा यदि कोई भी निजी स्वास्थ्य संस्थान मरीजों का इलाज करते हुए पाया जाता है, तो उसे अवैध माना जाएगा और उसके विरुद्ध क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी अस्पताल, नर्सिंग होम या क्लीनिक में इलाज कराने से पहले उसके पंजीकरण की जानकारी अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों में इलाज कराना मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। जिले के पंजीकृत 21 निजी स्वास्थ्य संस्थान स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में मान्यता प्राप्त निजी स्वास्थ्य संस्थानों में पारस अस्पताल, मेडिशा हॉस्पिटल, परमानंद हॉस्पिटल एलएलपी, बायो केयर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल (नारायणपुर), वात्सल्य हॉस्पिटल, सिटी हॉस्पिटल, पॉपुलर नर्सिंग होम, शालिग्राम हॉस्पिटल, एसएस हेल्थ यूनिट, गीतांजलि नर्सिंग होम, मुस्कान हॉस्पिटल, संत साही आशा नर्सिंग होम, एसएस हॉस्पिटल, जामताड़ा मेमोरियल हॉस्पिटल, जय मां चंचला हॉस्पिटल (नारायणपुर), सबीना हॉस्पिटल, इंडियन ब्लू हॉस्पिटल (नारायणपुर), एम.एस. नर्सिंग होम (नारायणपुर), अनुपम सेवा सदन, सुशीला हॉस्पिटल तथा मेसो ग्रामीण हॉस्पिटल (नाला) शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि जिले में यदि कोई अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक या पॉलीक्लिनिक बिना वैध पंजीकरण के संचालित होता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने नागरिकों से केवल पंजीकृत संस्थानों में ही इलाज कराने तथा किसी भी संदिग्ध या गैर-पंजीकृत अस्पताल की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस अभियान का उद्देश्य जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *