निशिकांत मिस्त्री

सिटी हॉस्पिटल एवं मंगलम नेत्रालय के संचालन में पाई गई गंभीर अनियमितताएं; उपायुक्त ने सिटी हॉस्पिटल को सील करने एवं दोनों अस्पताल के संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने हेतु दिए निर्देश

जामताड़ा । आज उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद के द्वारा जिले के सिटी हॉस्पिटल, मंगलम नेत्रालय सहित करमाटांड़ प्रखंड के सिटी मेडिसिन सेंटर का अधिकारियों संग औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी, अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ ए०पी०एन० देव, अंचल अधिकारी जामताड़ा अविश्वर मुर्मू एवं अस्पताल उपाधीक्षक डॉ दिनेश प्रसाद, कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत सोमा खंडेत मौजूद रहे।
उपायुक्त द्वारा सर्वप्रथम सिटी हॉस्पिटल, जामताड़ा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में अस्पताल में गंभीर अनियमितताएं पाई गई। निरीक्षण के मौके पर सिटी हॉस्पिटल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं पाए गए, साथ ही अस्पताल संचालन में मानक प्रक्रियाओं का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा है। निरीक्षण के क्रम में अस्पताल बिना नक्शा पास कराए भवन में संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल में संचालित दवा दुकान का निरीक्षण किया गया, जो बगैर फार्मासिस्ट एवं लाइसेंस (गैर कानूनी तरीके से) के संचालित पाए गए। वहीं ओपीडी में बेड ट्रीटमेंट चार्ज मिसिंग पाए गए, साथ नेत्र चिकित्सक के जगह पर ऑप्टोमेट्रिस्ट के द्वारा मरीजों का जांच, नेत्र सर्जरी के प्री एवं पोस्ट ऑपरेटिव पेशेंट्स को एक ही वार्ड में बिना समुचित व्यवस्था के रखने के अलावा साफ सफाई सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं में कमी के साथ साथ विभिन्न बिंदुओं पर गंभीर कमियां पाईं गई। उपायुक्त ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हॉस्पिटल के सीसीटीवी फुटेज सहित अस्पताल प्रबंधन द्वारा संधारित विभिन्न पंजियों को जब्त करने एवं अस्पताल को सील करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अस्पताल संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए सख्त विधिसम्मत कार्रवाई करने एवं विभिन्न कर्मियों के डिग्रियों के रद्द करने की अनुशंसा हेतु अग्रेत्तर कार्रवाई हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया।
वहीं इसके उपरांत उपायुक्त द्वारा जिले के मंगलम नेत्रालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में अस्पताल में चिकित्सक नदारद पाए गए। साथ ही न ही किसी प्रकार का रजिस्टर संधारण पाया गया। वहीं कार्यरत कर्मियों ने बताया कि ऑन कॉल चिकित्सकों को बुलाया जाता है एवं ऑपरेशन के 1-2 घंटे बंद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता है, वहीं प्रतिनियुक्त ऑप्टोमेट्रिस्ट ने बताया कि मरीजों के आंख जांच वे स्वयं ही कर लेते हैं एवं दवाई और चश्मा भी लिखते हैं। चिकित्सक के स्थान पर ऑप्टोमेट्रिस्ट के द्वारा मरीजों का जांच एवं दवा लिखा जाना अत्यंत गंभीर मामला है, उपायुक्त ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर किया। वहीं आयुष्मान भारत के तहत अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं पूर्व में इलाज कर चुके मरीजों के बारे में जानकारी मांगी, जिस पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ मरीजों के नंबर पर उपायुक्त ने स्वयं कॉल कर सत्यता जांचने का प्रयास किया, किंतु उक्त नंबर केरल, राजस्थान सहित अन्य राज्यों के पाए गए। जिससे कि प्रथम दृष्टया गड़बड़ी की आशंका जाहिर की गई है। उपायुक्त ने तथ्यों के दृष्टिगत अस्पताल प्रबंधन द्वारा बरती जा रही गंभीर लापरवाही, अनियमितताओं के जांच, प्राथमिकी दर्ज कराने एवं संचालकों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंगलम नेत्रालय के उपरांत उपायुक्त ने अधिकारियों संग जिले के करमाटांड़ प्रखंड अंतर्गत सिटी मेडिसिन सेंटर का औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के क्रम में वे बंद पाए गए, उपायुक्त द्वारा इस संबंध में संबंधित अधिकारी को आवश्यक एवं उचित दिशा निर्देश दिया गया। आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य विभाग को समर्पित विपत्र में यह दावा किया गया है कि एक माह में 600 से अधिक मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया है, जिसके प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि अधिकतर मोबाइल नंबर बंद है, जबकि कई ऐसे नंबर है जो अन्य राज्यों के हैं। निरीक्षण क्रम में व्यापक रूप से अनियमितताएं पाई गई है, अस्पताल भवन का नक्शा भी पास नहीं है, जिसके आलोक में अस्पताल सील करने सहित संचालक के विरुद्ध विधिसम्मत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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