निशिकांत मिस्त्री

उपायुक्त रवि आनंद की तत्परता एवं संवेदनशील पहल से जामताड़ा जिले की बच्ची को बिहार के जमुई जिले से सकुशल रेस्क्यू कर परिजनों को किया गया सुपुर्द, परिजनों ने उपायुक्त को दिया धन्यवाद

जामताड़ा : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद की तत्परता एवं संवेदनशील पहल से जामताड़ा जिले की एक बच्ची को बिहार के जमुई जिले से सकुशल रेस्क्यू कर उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया। बताते चले कि बीते कल 12 फरवरी को प्राप्त सूचना के आलोक में उपायुक्त रवि आनंद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को तत्काल टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्ची को आरपीएफ एस्कॉर्ट द्वारा जमुई जीआरपी थाना में सुरक्षित रखा गया था। बच्ची से उसके घर का पता आदि पूछे जाने भाषा संबंधी कठिनाई के कारण पहले बताये गए पते का सत्यापन नहीं हो पा रहा था। जिस पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी के द्वारा संथाली भाषा जानने वाले कर्मी की सहायता से बच्ची से संवाद कर नाम पता आदि जानकारी ली गई एवं तत्पश्चात सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से बताए गए पते का सत्यापन कराया गया तथा परिजनों से संपर्क स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज मंगवाए गए। विधिसम्मत प्रक्रिया पूर्ण करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन की देखरेख में बच्ची को ट्रेन के माध्यम से सुरक्षित जामताड़ा लाया गया। जहां देर रात्रि में बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ सभी औपचारिकताओं पूरा करते हुए समिति द्वारा उक्त बच्ची को उनके परिजन/अभिभावक को सौंप दिया गया। बच्ची के सुरक्षित मिल जाने पर बच्ची के परिजनों ने जिला प्रशासन एवं उपायुक्त के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

इस सम्बन्ध में उपायुक्त रवि आनंद ने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी एवं पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन प्रत्येक बच्चे के संरक्षण एवं अधिकारों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति अभिभावकों को सजग और जिम्मेदार रहना अति आवश्यक है। कहा कि अपने बच्चों की गतिविधियों पर सुरक्षात्मक दृष्टि रखें वे कहाँ जा रहे हैं, किसके संपर्क में हैं और कब लौटेंगे, इसकी स्पष्ट जानकारी अवश्य रखें। यदि किसी कारणवश बच्चे के घर लौटने में विलंब हो, तो इसे हल्के में न लें। यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध परिस्थिति अथवा बच्चों को अकेले असहाय स्थिति में यात्रा करते देखे जाने पर इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय पर समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, जामताड़ा अंजू पोद्दार, चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर सीता देवी एवं विजेंद्र यादव सहित समिति के अन्य सदस्यगण मौजूद रहे।

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