अभिषेक मिश्रा
चासनाला । संसार की श्रिष्टि के लिए सर्व प्रथम ब्रम्हा जी के दाहिने हाथ से मनु और बाएं हाथ से सतरूपा का अवतरित किया। जिन्होंने भगवान की कठिन तपस्या किया और तपस्या के बल मनु और सतरूपा ने माँ कौशल्या और अपने पुत्र के रूप में दशरथ को पाया। जिनके तपस्या ने बेटा के रूप में भगवान श्री राम को पाया। और भगवान श्री राम ने त्रेता युग में अवतार लेकर बरदान को पूरा किया। उक्त बातें चासनाला सुदामडीह रिवर साईड दामोदर नदी के सूर्य मंदिर धाम घाट पर आयोजित नव दिवसीय श्री श्री 1008 श्री राम महायज्ञ के दौरान श्री धाम वृंदावन से पधारी कथा वाचक देवी गीता शास्त्री ने सोमवार को अपने श्री राम कथा प्रबचन के तृतीय दिन कही।
श्री श्री1008 श्री राम महायज्ञ के तीसरे दिन अयोध्या धाम से पधारे आचार्य पंडित रंजीत शास्त्री व उनके सहयोगी पंडितों ने सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन यज्ञ व श्री राम चरित्र मानस पाठ किया। महायज्ञ में यज्ञ मंडप परिक्रमा करने के लिए भक्त श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। महायज्ञ के यज्ञाधीश मारुति नंदन धाम प्रयागराज से पधारे श्री श्री 1008 श्री बाल योगी महंत परशुराम दास महाराज महायज्ञ सम्पन्न कराने में जुटे हुए हैं। महायज्ञ को सफल बनाने में चासनाला सुदामडीह यज्ञ समिति के बमभोली सिंह, दिलीप साव,पप्पू यादव,राजेश्वर यादव, सुधीर सिंह,नीरज सिंह, बिपुल सिंह, संतोष केवट, रंजय सिंह, संजय सिंह, आलोक सिंह, आदि की सराहनीय योगदान रहा है।
