निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । कुल देवी, जगत जननी मां चंचला के पावन धाम में आयोजित त्रिदिवसीय त्रयोदस वार्षिक महोत्सव का समापन रविवार को भव्य कलश विसर्जन यात्रा के साथ ऐतिहासिक रूप से संपन्न हो गया। इस पूरे महोत्सव के मुख्य यजमान के रूप में वीरेंद्र मंडल ने प्रत्येक पूजा-अनुष्ठान का नेतृत्व करते हुए विधि-विधान के साथ सभी धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराईं। तीन दिनों तक जामताड़ा आस्था, भक्ति और अनुशासन का जीवंत उदाहरण बना रहा। महोत्सव के पूर्णाहुति दिवस पर प्रातःकाल से ही मां चंचला मंदिर प्रांगण में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। मुख्य यजमान वीरेंद्र मंडल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचोपचार पूजा, षोडशोपचार विधान, महाहवन, गौ-माता पूजन, ब्राह्मण भोजन एवं कन्या भोजन को स्वयं संपन्न कराया। सभी अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से संपन्न हुए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु साक्षी बने।
दान-पुण्य में भी आगे रहे मुख्य यजमान
मुख्य यजमान वीरेंद्र मंडल ने महोत्सव समिति की ओर से ब्राह्मणों एवं कन्याओं को वस्त्र, दक्षिणा एवं अन्य पूजन सामग्री का दान किया।
मुख्य कलश का विसर्जन स्वयं किया वीरेंद्र मंडल ने
कलश विसर्जन यात्रा से पूर्व मुख्य यजमान वीरेंद्र मंडल ने ढोल-ढाक, वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ मुख्य कलश का शहर स्थित सरकार बांध में विसर्जन किया।इस दौरान भी बड़ी संख्या में माताएं बहन एवं भक्तजन सम्मिलित रहे।इसके बाद निकाली गई भव्य कलश विसर्जन यात्रा में हजारों महिलाओं, बहनों और श्रद्धालुगण ने सहभागिता की। जय माता दी के जयघोष से संपूर्ण नगर गुंजायमान हो उठा।इस विसर्जन यात्रा में उत्साह और उमंग भक्ति का वातावरण रहा ।सभी भक्त जन इस पूरी विसर्जन यात्रा के दौरान झूमते गाते नजर आए।
तीन दिनों तक धार्मिक नगरी बना जामताड़ा
पूरे महोत्सव काल में मां चंचला मंदिर में दिन-रात श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने माता रानी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और कल्याण का आशीर्वाद लिया। रात्रि में आयोजित भक्ति जागरण में भी मुख्य यजमान वीरेंद्र मंडल की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
आयोजन ने स्थापित किए नए कीर्तिमान
मुख्य यजमान वीरेंद्र मंडल ने कहा कि इस वर्ष आयोजित मां चंचला त्रयोदस वार्षिक महोत्सव एवं कलश शोभा यात्रा ने भव्यता, अनुशासन और श्रद्धा के नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने आयोजन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में सहयोग देने वाले जामताड़ा के सभी वर्गों, सामाजिक संस्थाओं, प्रशासन,स्वास्थ्य विभाग ,स्वयंसेवकों, महिलाओं, बुजुर्गों ,मीडिया बंधुओं एवं समस्त भक्तजनों के प्रति आभार प्रकट किया।पूरे तीन दिन तक पूरे जामताड़ा जिले सहित राज्य भर में इस भव्य ऐतिहासिक 13 वा महोत्सव की धूम रही।

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