रामावतार स्वर्णकार
इचाक । थाना क्षेत्र के मंगूरा गांव निवासी प्रवासी मजदूर राजकुमार भुइयां (उम्र 21वर्ष) पिता गोला भुइयां की मौत शनिवार की रात मुंबई से घर लौटते समय ट्रेन में ही हो गई। राजकुमार भुइयां पिछले तीन वर्षों से मुंबई के दापोली स्थित भारत नगर में रहकर मजदूरी करता था। वहीं उसके पिता भी भारत नगर से कुछ दूरी पर रहकर मजदूरी करते थे। पिता गोला भुइयां ने बताया कि मेरा बेटा तीन माह पूर्व मुंबई मजदूरी करने आया था। उसकी तबियत अक्सर खराब रहती थी लेकिन इसकी जानकारी मुझे नहीं थी। उसके एक दोस्त ने उसके तबीयत खराब रहने और खांसते समय मुंह से खून निकलने की जानकारी मुझे दी। जिसके बाद मैने उसे दापोली के एक अस्पताल में इलाज कराया। डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादा शराब पीने और नशा करने के कारण राजकुमार भुइयां का फेफड़ा खराब हो चुका है। उसके इलाज में 15-20 लाख रुपए खर्च हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि एक मजदूर के पास इतना पैसा कहां से आएगा? मैने एक डेढ़ रुपए उधार लेकर किसी तरह से उसका इलाज कराया। परदेश में पैसे कहां से लाऊं? मेरे पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। इसलिए मैने बेटे का छुट्टी कराकर घर आने का मन बनाया और शनिवार को बेटे के साथ ट्रेन पकड़कर वापस आने लगा लेकिन ट्रेन खुलने के कुछ ही देर बाद मेरे बेटे की तबियत अचानक बिगड़ने लगी। और मेरे आंखों के सामने ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पिता का रो रोकर बुरा हाल है। राजकुमार चार भाई बहनों में सबसे बड़ा था। चलती ट्रेन में बेटे के मौत से गोला भुइयां बुरी तरह से टूट चुका है। घटना की जानकारी उसने अपनी पत्नी राधा देवी समेत अन्य परिजनों को दे दिया है। इधर राजकुमार के मौत की खबर सुनकर गांव में मातम छा गया। मां राधा देवी और भाई बहनों के क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया है।

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