रामावतार स्वर्णकार
इचाक । शिक्षा के क्षेत्र में यूं तो हमेशा से इचाक की बेटियों ने परचम लहरा कर अपने प्रखंड का नाम रौशन किया है। चाहे वह मैट्रिक की परीक्षा हो या इंटर या फिर कोई अन्य। बेटियों के शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर प्रखंड की धरती को गौरवान्वित किया है। जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) की परीक्षा में प्रखंड के तीन होनहारों ने सफलता प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। परासी गांव निवासी पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष गौतम नारायण सिंह की पुत्री कुमारी श्रेया ने पहले प्रयास में ही जेपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल किया। उसका चयन प्रशासनिक सेवा में हुआ है, श्रेया बचपन से ही मेघावी छात्रा रही है। पिता गौतम नारायण सिंह ने बताया कि श्रेया मैट्रिक की पढ़ाई परियोजना बालिका उच्च विद्यालय इचाक से पास किया। वह मैट्रिक में प्रखंड टॉपर बनी वहीं इंटरमीडिएट (आर्ट्स) में पूरे झारखंड में 7 वाँ स्थान पर रही थी। श्रेया पहले भी तीन प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुकी है। तीन माह पहले उसने रेवेन्यू इंस्पेक्टर पद पर ज्वाइन किया था। कुटुंमसुकरी बाबू टोला के चौधरी कुटीर निवासी अरुण कुमार सिंह के पुत्र निशांत कुमार सिंह उर्फ पीयूष का चयन पुलिस सेवा में हुआ है। साथ ही भूसवा गांव निवासी एलआईसी अभिकर्ता देवेंद्र यादव की पुत्री दीपिका कुमारी को लेबर सुपरिटेंडेंट पद के लिए चयनित किया गया है।
दीपिका कुमारी को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली है, जबकि श्रेया और निशांत ने पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया। दीपिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता देवेंद्र यादव व सरिता देवी, तथा गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा, “निरंतर मेहनत, लक्ष्य के प्रति सजगता और आत्मविश्वास से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है।” निशांत सिंह ने भी अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षार्थियों को कभी खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए, बल्कि गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। श्रेया और दीपिका दोनों ने हजारीबाग में एक साथ रहकर परीक्षा की तैयारी की थी। दीपिका की छोटी बहन इंजीनियर हैं, जबकि भाई स्नातक की पढ़ाई कर यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। इन तीनों युवाओं की सफलता से इचाक प्रखंड में खुशी की लहर है और लोग अपने होनहार बेटा-बेटियों पर गर्व कर रहे हैं।
