झरिया । इंदिरा चौक फुलारी बाग की घटना पर पूर्व पार्षद अनूप कुमार साव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पिता पुत्र के जमीनदोज होने के बाद भी बीसीसीएल गंभीर नहीं है । अवैध उत्खनन और कोयला चोरी इसका प्रमुख कारण है और मैं दावे के साथ कह सकता हूं की धनु डीह मोहरी बंध के अवैध मुहाने से अंदर अंदर इतना खोखला कर दिया गया है कि गुजराती स्कूल प्रियदर्शनी स्कूल और उसके आसपास की घनी आबादी में कोई अप्रिय घटना न घट जाए जिला प्रशासन, सी आई एस एफ अविलंब सभी अवैध मुहानो को बंद कर अवैध धंधे बाजो के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर उसे जेल भेजें विस्थापन नीति पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 झरिया मास्टर प्लान भूस्खलन से निपटने के लिए लगभग 7112 करोड़ का पुनर्वास योजना असफल रहा पुनः संशोधित कर 5940 करोड़ का नया झरिया मास्टर प्लान को केंद्र की मंजूरी मिली परंतु जीविका नहीं मिलेगी तो लोग जीवन का परवाह नहीं करेंगे और आग एवं भूधंसान क्षेत्र में रहने के लिए विवश होंगे सरकार का विस्थापन नीति तभी सफल होगी जब यहां के प्रभावित लोगों को इसी झरिया क्षेत्र में पुनर्वासित करेगी !
पूर्व के विस्थापन नीति फेल हो गया और वर्तमान का नया विस्थापन नीति भी फेल होगा यदि ईमानदारी पूर्वक इस पर कार्य नहीं होगा ? मैं सरकार से यह मांग करता हूं कि पूरे कोयलांचल की वस्तु स्थिति एवं जेआर डी ए, बीसीसीएल ,डी जी एम एस, और इससे जुड़े तमाम एजेंसियों के निगरानी हेतु सेवानिवृत न्यायाधीशों की एक कमेटी बनाई जाए और उसे कमेटी में स्थानीय प्रमुख प्रभावित लोगों को भी शामिल किया जाए ताकि नया झरिया मास्टर प्लान का ईमानदारी पूर्वक क्रियान्वयन हो सके ।
