आवास मिलने तक दूसरे के घर में रहने को कहा
रामावतार स्वर्णकार
इचाक:प्रखंड के देवकुली पंचायत अंतर्गत लुंदरू गांव का टोला बक्सीडीह निवासी मसोमात संगीता देवी, पति स्व. छोटन ठाकुर का मिट्टी का मकान का एक कमरा मॉनसून के पहली बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं दूसरा कमरा भी गिरने के कगार पर है। घटना बुधवार की रात लगभग 12 बजे घटी। तेज बारिश में घर का दीवार गिर गया जिसके बाद पर छप्पर भी धराशाई हो गया। अचानक घर गिरने से घर में रखा सामान, आलू, कपड़े चावल और अनाज भींग गया। संगीता देवी ने बताया कि घटना के समय वह अपनी बेटी के साथ उसी कमरे में सो रही थी। लेकिन मिट्टी गिरने के आहट से जाग गई। और आनन फानन में भींगते हुए चौकी बर्तन समेत कुछ सामान दूसरे कमरे में पहुंचाई। गनीमत रही कि घटना में किसी के जान माल की क्षति नहीं हुई। लेकिन जिस कमरे में उसने सर छुपाया है उसकी हालत भी दयनीय है। संगीता देवी ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व मेरे पति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जिसके बाद मैं मेहनत मजदूरी कर किसी प्रकार अपने बच्चों का लालन पालन कर रही हूं। हमारे पास इतने पैसे नहीं की घर की मरम्मत भी करवा पाऊं। अबूआ आवास के लिए ब्लॉक का चक्कर लगा लगाकर थक चुकी हूं। पर गरीब की सुनने वाला कोई नहीं। अगर मेरे पास पैसे होते तो शायद मुझे भी आवास मिल गया होता।
समाचार पत्रों से घटना की जानकारी मिलने पर उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्थानीय बीडीओ को तलब किया। जिसके बाद बीडीओ संतोष कुमार, ब्लॉक कॉर्डिनेटर पूर्णिमा कुमारी, पंचायत सेवक अमरदीप रावत, मुखिया प्रतिनिधि महेंद्र कुमार दास पीड़ित के घर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान बीडीओ ने बताया कि अबूआ आवास के लिए फंड में राशि उपलब्ध नहीं है। यह पूरे राज्य की समस्या है। संगीता देवी को तत्काल वैकल्पिक आश्रय की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, यदि वह प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता में आती हैं, तो जल्द आवास भी प्रदान किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने संगीता देवी को पड़ोसी के घर रहने को कहा।
क्या कहते हैं मुखिया प्रतिनिधि
पूर्व मुखिया सह वर्तमान मुखिया प्रतिनिधि महेंद्र कुमार दास ने
जानकारी दिया कि वर्ष 2024 25 में देवकुली पंचायत में 53 अबूआ आवास का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन अभी तक मात्र तीन ओबीसी परिवार को ही प्रथम किस्त की राशि का भुगतान हो पाया है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा में बक्शीडीह निवासी संगीता देवी और देवकुली निवासी कांता देवी समेत दर्जनों जरूरतमंद का नाम आवास सूची में शामिल किया गया था। लेकिन प्रखंड कार्यालय के स्तर पर लापरवाही और टालमटोल के कारण अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया। यह अकेली घटना नहीं है – पंचायत में कई जरूरतमंद महिला और परिवार हैं, जो सूची में नाम होने के बावजूद आवास योजना से अभी तक वंचित हैं। मुखिया मंजू देवी ने चिंता व्यक्त किया कि यह सिर्फ एक दिन की बारिश का असर है, जबकि अभी पूरा मानसून बाकी है। जो लोग पूरी तरह बेसहारा हैं और जिनके पास सिर छुपाने की जगह नहीं, उनका क्या होगा? उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी से ऐसे लोगों को चिन्हित कर तुरंत आवास की व्यवस्था का मांग किया। मुखिया ने यह भी कहा कि इचाक प्रखंड के सबसे निचले और संवेदनशील इलाकों में से एक देवकुली में आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और स्थायी समाधान बेहद जरूरी है।
