निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । जिला चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज सह संथाल परगना प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा है कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025 – 26 के लिए 30% बिजली टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के पास टैरिफ पिटीशन दाखिल किया है जिस पर आयोग अगले वर्ष से सुनवाई की प्रक्रिया शुरू करेगा अंतिम रूप से टैरिफ की घोषणा जून 2025 तक होने की संभावना है झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने झारखंड के घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में प्रति यूनिट 2 रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है वर्तमान में शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दर 6.65 पैसा प्रति यूनिट है जिसे 8. 65 पैसा प्रति यूनिट करने वही फिक्स चार्ज 100 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 200 रूपये एवं ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं में भी बिजली दर 6.30 रूपये पैसे प्रति यूनिट से बढ़ाकर 8 रूपये प्रति यूनिट एवं फिक्स चार्ज 75 रूपये से बढ़कर 150 रूपये , आवासीय कॉलोनी या वैसे अपार्टमेंट जहां बल्क कनेक्शन लिया गया है वहां की बिजली दर 6. 25 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर 9.50 रुपए प्रति यूनिट एवं फिक्स चार्ज 150 रुपए से बढ़ाकर 250 रूपये औद्योगिक उपभोक्ताओं की दर भी 5.85 रूपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 7.85 रुपए प्रति यूनिट एवं कमर्शियल उपभोक्ताओं की बिजली दर 4.90 रुपए प्रति यूनिट से बढ़ाकर 6.10 रुपए प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है 30 सितंबर 2024 को भी टैरिफ बढ़ाने की घोषणा हुई थी जिसे विरोध के बाद खारिज कर दिया गया था झारखंड में बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव व्यवहारिक नहीं है दूसरे राज्यों के साथ यदि तुलना करें तो गुजरात में प्रति व्यक्ति आय झारखंड से 3 गुना अधिक है और वहां उपभोक्ताओं से बिजली की दर 250 यूनिट से अधिक खर्च कर करने पर 5 रुपए प्रति यूनिट उपभोक्ताओं से लिया जाता है वही यूपी में 500 यूनिट तक उपभोक्ताओं के द्वारा बिजली खर्च करने पर प्रति यूनिट 6.50 रुपए और 600 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने पर 7 रुपए प्रति यूनिट टैरिफ के हिसाब से पैसा लिया जाता है झारखंड जैसे गरीब राज्य में इस तरह बिजली दरों में बढ़ोतरी करने से राज्य की गरीब जनता एवं मध्यम वर्ग एवं व्यापारी पर एक अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और झारखंड के बिजली उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान कैसे कर पाएंगे अगर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड बिजली दरों में प्रस्ताव को पारित कराकर लागू करता है तो उसे सड़क से सदन तक विरोध का सामना करना पड़ेगा। झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी से आग्रह है कि इस तरह के बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव को रद्द करने की कृपा कर झारखंड की गरीब माध्यम वर्गीय जनता को राहत देने काम करेंगे, जिसके लिए राज्य की जनता आपका आभारी रहेंगें।

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