निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । राज्यपाल झारखण्ड संतोष कुमार गंगवार का आज जिला अंतर्गत नारायणपुर प्रखंड के मोहनपुर परिभ्रमण को लेकर पहुँचे। जहां आदिवासी युवतियों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किये, वहीं राज्यपाल ने सभी को अभिवादन किये। जामताड़ा उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी कुमुद सहाय और पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किये। इस बीच राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दो लोगों के बीच ट्राई साइकिल, विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, चार बुजुर्गों के बीच पेंशन स्वीकृति पत्र, तीन किसानों को बीज वितरण किये। यहां उन्होंने उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोहनपुर में लोगों से बातचीत की। इस दौरान स्कूल की छात्राओं ने राज्यपाल से कहा कि स्कूल में पंखा नहीं है। पढ़ने में दिक्कत होती है। वहीं छात्राओं ने बताया कि एक ही चापाकल है। इसी के भरोसे प्यास बुझती है। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने जामताड़ा उपायुक्त से कहा कि 15 दिनों में समस्या का समाधान करें।


वहीं ग्रामीणों ने भी अपनी जरूरतों की जानकारी राज्यपाल संतोष गंगवार को दी। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में एक उच्च विद्यालय, डिग्री महाविद्यालय, नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना के साथ एक अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्र की जरूरत है। साथ ही लोगों ने चिकित्सा सुविधा के साथ कुछ जगह विजली की समस्याओं, शौचालय में पानी की उपलब्धता न होने, खराब सड़क की समस्या से भी अवगत कराया। लोगों से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने कहा कि मैं आप सभी की समस्याओं को जानने और संवाद स्थापित करने आया हूं ताकि समस्याओं का हल किया जा सके।
आपकी समस्याओं के समाधान के लिए देश की सरकार संवेदनशील है। निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के रूप में मैं अपने दायित्वों के निर्वहन हेतु प्रतिबद्ध हूं। आपको अपनी समस्याओं से जन-प्रतिनिधि से भी अवगत कराना चाहिए।


आप अपनी समस्याओं को लिखकर भी बता सकते हैं। उन्होंने सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लोगों के विकास हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित हैं, योजना के पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। कार्यक्रम में राज्यपाल लोगों से सीधा संवाद कर रहे थे। इस दौरान एक व्यक्ति समस्या से अवगत करा रहे थे तो राज्यपाल की तरफ से जवाब आया कि जामताड़ा जो आपका जिला है उसकी पहचान देश और विदेशों में है। किस रूप में है यह आप सभी भली भांति जानते हैं। मैं यहां के बच्चे-बच्चियों और उनके अभिभावकों से गुजारिश करता हूं कि शिक्षा बहुत जरूरी है। बच्चे जहां तक पढ़ना चाहे उन्हें पढ़ाएं। बच्चे भी पढ़ाई-लिखाई में पीछे ना हटे। बांग्लादेशी घुसपैठ पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ने कहा कि मुझे नई जिम्मेदारी मिली है। इस विषय में अधिक जानकारी नहीं है। भारत सरकार का मामला है। पर उन्होंने यह जरूर कहा कि यह चिंता की विषय है। जिस पर हाईकोर्ट की तरफ से भी संज्ञान लेकर काम किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में जितनी भी समस्याएं आई है, उसे सरकार तक पहुंचाया ।

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