निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा है कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के द्वारा 6.65 रूपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 9.50 रूपये प्रति यूनिट के प्रस्ताव एवं फिक्स चार्ज जो पहले सिर्फ 100 रुपए था, अब अगर बढ़ोतरी होती है तो प्रत्येक किलोवाट पर फिक्स चार्ज 100 रूपये किलोवाट देना होगा अगर किसी उपभोक्ता के यहां 10 किलोवाट का लोड है तो उसे 1000 रूपये फिक्स चार्ज बिल के साथ भुगतान करना होगा। ऐसे में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के इस प्रस्ताव का जामताड़ा चेंबर ऑफ कॉमर्स के साथ-साथ झारखंड के सभी व्यपारिक प्रतिष्ठान एवं झारखंड की सभी जनता इसका कड़ा विरोध करेंगे। बिजली दर एवं फिक्स चार्ज में बढ़ोतरी का प्रस्ताव कहीं से भी न्याय संगत नहीं है।
अगर बिजली दर बढ़ाने को लेकर अन्य राज्यों से तुलना की जाए तो गुजरात में प्रति व्यक्ति आय झारखंड से तीन गुना अधिक है और वहां बिजली की दर 250 यूनिट से अधिक खर्च होने पर 5 रूपये प्रति यूनिट उपभोक्ता को देना होता है एवं यूपी की बात करे तो यूपी में 500 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर उपभोक्ता को 6:30 रूपये प्रति यूनिट और 600 यूनिट से अधिक खर्च करने पर 7 रूपये प्रति यूनिट उपभोक्ताओं को देना होता है। झारखंड जैसे गरीब प्रदेश में व्यापार करने वाले व्यापारी एवं यहां निवास करने वाली जनता इतनी महंगी बिजली दर को कैसे वहन कर पाएगी। यह एक बहुत ही चिंता का विषय है, सुविधा के नाम पर झारखंड बिजली वितरण लिमिटेड कुछ भी प्रदान नहीं करती है। सभी कुछ उपभोक्ताओं के माथे पर थोप दिया जाता है, जो की एकदम गलत है।
जामताड़ा चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल अपने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्य के व्यापारियों की तरफ से राज्य की गरीब जनता की तरफ से निवेदन करती है कि झारखंड वितरण बिजली वितरण निगम लिमिटेड के बिजली दर एवं फिक्स चार्ज में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए झारखंड की समस्त जनता एवं व्यापारियों को राहत देने की कृपा प्रदान करें।
