मवि करियातपुर में शोक सभा का आयोजन

रामावतार स्वर्णकार
इचाक वयोवृद्ध पूर्व शिक्षक वन बिहारी सिंह उर्फ बानो बाबू के निधन पर प्रखंड के मध्य विद्यालय, करियातपुर में बुधवार को शोक सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए एक मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की गई। मुख्य अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता बटेश्वर मेहता ने कहा कि बानो बाबू के निधन से शिक्षा जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है।

वर्ष 1928 में बानो बाबू के शिक्षक पिता मकड़ध्वज नारायण सिंह और स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर महतो के प्रयास से ही मवि करियतपुर की स्थापना हुई थीं। अपने दूरदर्शी सोच वाले शिक्षक स्व. मकड़ ध्वज नारायण सिंह ने अपने चारों पुत्रों को शिक्षक बनाया ताकि शिक्षा की रौशनी से सारा देश जगमगा उठे। यह वो दौर था जब गिने चुने लोग ही दो चार क्लास पढ़ लिया करते थे। लेकिन विद्यालय के खुलने से क्षेत्र में शिक्षा की क्रांति आई। स्व. वन बिहारी सिंह ने शिक्षक बनने के बाद अपना पहला योगदान मवि करियातपुर में दिया, वहीं उनके भाई दसरथ नारायण सिंह ने भी मवि करियातपुर में अपनी सेवा दी।

कार्यक्रम को पूर्व मुखिया सुनिल मेहता ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्र अध्यापक रविशंकर और संचालन प्रो. राजेंद्र यादव ने किया। मौके पर जेएम इंटर कॉलेज के संस्थापक जगरनाथ महतो, मुखिया मोदी कुमार, शिक्षक कुमार सत्यपाल, क्रांति कुमार, गणेश नारायण गुप्ता, रफीक आलम, प्रो. राम प्रकाश मेहता, सुनीता कुमारी मेहता, रीना कुमारी, रेनू कुमारी, रीता कुमारी दीपक कुमार समेत कई गणमन्य लोग व विद्यालय के बच्चे उपस्थित थे।

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