झरिया । सिंफर डिगवाडीह के लैब असिस्टेंट 50 वर्षीय चन्द्र भूषण सिंह की मौत ड्यूटी के दौरान पश्चिम बंगाल के हल्दिया में गुरुवार को हो गई।परिजनों ने शनिवार को नियोजन की मांग को लेकर सिम्फ़अर कार्यालय में अधिकारियों से भेंटकर तत्काल नियोजन मिलने तक हल्दिया से शव लाने से इंकार कर दिया है। नियोजन के मुद्दे पर भाजपा नेता राजकिशोर जैना के नेतृत्व में मृतक के परिजनों ने कार्यालय परिसर में अधिकारियों से वार्ता किया। वार्ता में धनबाद सीएमआरआई से आए नियंत्रक प्रशासनिक अधिकारी आलोक शर्मा और कुमार राहुल सहित अन्य अधिकारियों ने नियमतः कागजी कार्रवाई के तहत नियोजन देने कि बात कहने पर वार्ता विफल हो गया। वार्ता विफल होने के बाद परिजनों ने कार्यालय परिसर के कांफ्रेंस हॉल में नियोजन मिलने तक धरना दें दिया।

दुसरी ओर भाजपा नेता जैना द्वारा अधिकारियों पर नियोजन के मुद्दे टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए मामले को धनबाद के सांसद पीएन सिंह से मिलकर हस्तक्षेप करने कि मांग किया। मृतक की पत्नी सुचित्रा देवी ने बताया कि छह माह पूर्व पति को हार्ड अटैक आया था, फिर भी स्थानीय प्रबंधन द्वारा सेम्पलिंग के लिए हल्दिया भेज दिया गया। जहां वह जिस होटल में रुके थे वहां उनकी तबियत बिगड़ गई। उनके सहयोगी उन्हें डॉक्टर के पास ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया । कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी आलोक शर्मा ने परिजनों को समझाने का भरपूर प्रयास किया,परंतु परिजन तत्काल नियोजन की मांग पर अड़े रहे। श्री शर्मा ने कहा कि अनुकंपा तहत नियोजन के लिए अभी तक 40 मामले लंबित है।

आश्रितों को जल्द से जल्द नियोजन दिलाने के लिए वरीय अधिकारियों को कागजात सौपे जाएंगे । उक्त बातें सुनकर भाजपा नेता राजकिशोर जैना भड़क गए। उन्होंने कहा कि 40 मामले और इस घटना में काफी अंतर है. उनकी मृत्यु ड्यूटी के दौरान हुई है. उनके आश्रितों को अविलंब नियोजन मिलना चाहिए। इधर शाम को सिम्फ़र के निदेशक को मामले को लेकर वार्ता के लिए डिगवाडीह आना था किन्तु किसी कारण वश उनके नहीं आने पर परिजन भड़क गए। परिजनों ने कहा कि वे लोग मृतक के शव को लाने हल्दिया जा रहे हैं जहां से शव लाने के बाद तत्काल नियोजन के लिए शव को सिम्फ़र कार्यालय के गेट पर रखकर धरना दिया जाएगा।

मृतक के शव के साथ धरना देने कि चेतावनी के बाद सिम्फ़र निदेशक अरविंद कुमार मिश्रा शाम को साढ़े सात बजे मृतक के स्वजन से मिले। इस दौरान उन्होंने मृतक के स्वजनों के प्रति सहानभूति प्रकट करते हुए सांत्वना देते हुए कहा कि आश्रित को नियोजन देने के मुद्दे पर हम मंत्रालय के नियमों से बंधे हैं। नियोजन कि प्रक्रिया को नियमानुसार कागजी प्रक्रिया को पुरा करने में परिजन को विभाग द्वारा सहयोग करने कि बात कही।

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