झरिया । कोयला नगरी झरिया शहर के चार नंबर मोड़ स्थित आशाविहार कुष्ठ कॉलोनी जिसका नाम सुनते ही एक वक्त था जहाँ कभी लोग जाने से भी गुरेज करते थे। आज भी यहाँ बसे हुए अधिकांश लोग अपनी जीवनशैली गरीबी रेखा से नीचे ही व्यतीत करते है। लेकिन यहाँ रहने वाले जितेन्द्र मालाकार जो कि शादी विवाह मे कैटरिंग ( स्टाफ ) है । उनके बड़े बेटे राहुल कुमार ने इन सब से दूर हटकर अपना व अपने परिवार को आज अलग पहचान दी है। आज राहुल भारत से 13,568 km दूर अमेरिका के अलास्का में काम कर रहे है। राहुल का चयन हॉलेंड अमेरिका क्रूज कंपनी में हुआ है। लगभग आठ लाख सालाना पैकेज की नौकरी पाकर राहुल काफी खुश है। राहुल के पिता जितेंद्र मालाकार ने बताया कि राहुल बचपन से ही होनहार था 2015 में मैंट्रिक किया और बालिका विद्या मंदिर से इंटर की पढ़ाई कर वर्ष 2017 में शाकावा फाउंडेशन के द्वारा स्कॉलरशिप हासिल कर आगरा स्थित हेरिटेज कॉलेज से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया।

जिसके बाद मस्कट और मलेशिया जैसे देशों में ट्रेनिंग ली। आज राहुल के अमेरिका जाने पर पूरा मोहल्ला हर्षोल्लास से खुशी मना रहा है। यही नही झरिया के विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता भी कहते है कि युवाओं को राहुल से प्रेरणा लेनी चाहिए। समाज सेवी मिन्की अग्रवाल का कहना है कि एक गरीब घर का लड़का अपने कठिन परिश्रम से विदेश की धरती पर भारत का परचम लहरा रहा है। इस से आज के युवाओं को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। जिस मोहल्ले में लोग जाना भी नही चाहते आज वह मोहल्ला में बधाई देने वाले लोगो का तांता लगा हुआ है। राहुल कुमार की माता पिंकी देवी ने कहा कि राहुल बचपन से ही मेहनती था। आसमान छूने की तम्मना उसे आज इस मुकाम पर ले आई। कई बाधाएं आई लेकिन आज राहुल ने साबित कर दिया कि लगन और कठिन परिश्रम से हर कोई अपना मंजिल हासिल कर सकता है। राहुल के चाचा गोलू मालाकार, दादी शोमारी देवी, छोटा भाई साहिल व बहन प्रिशिका कुमारी समेत मोहल्लावासियों में खुशी देखने को बनती है।

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