सामाजिक पहल पर रहने खाने को मिला एक कमरा और रसोई
प्रतिनिधि
इचाक । थाना क्षेत्र के बरका खुर्द गांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां प्रेम विवाह के बाद विवाहिता अपने ससुराल गई तो उसके लिए घर के दरवाजे बन्द कर दिए गए। हालांकि चार दिन बाद सामाजिक पहल पर सोमवार को उसके रहने खाने के लिए एक कमरा खोल दिया गया है और फ़िलहाल विवाहिता वहीं रहकर भविष्य में घर और परिवार के दिलो में अपनी जगह बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं विवाहिता के पिता ने इचाक थाना में आवेदन देकर अपनी बेटी की जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
क्या है मामला
प्रखंड के बरका खुर्द निवासी (आलोक कुमार) बदला हुआ नाम और जमूआरी गांव निवासी (राखी कुमारी) बदला हुआ नाम के बीच चल रहे प्रेम प्रसंग ने परिस्थिति वश एक नया मोड़ लिया और दिनांक 14 जून 2019 को कोर्रा पुलिस की उपस्थिति में डीवीसी स्थित शिव मंदिर में दोनो ने शादी कर लिया। बकौल राखी शादी के बाद दोनो पति पत्नी हजारीबाग में एक किराए के मकान में एक साथ दो माह बिताया। बाद में आलोक अपने घर आ गया। इसी बीच आलोक के पिता ने अपने नाबालिग पूत्र के साथ जबरन धमकी देकर विवाह कराने का आरोप लगाते हुए राखी के परिवार वालों पर हजारीबाग फैमिली कोर्ट में मामला दर्ज करवा दिया। इधर राखी और आलोक के विवाद को सामाजिक स्तर पर सुलझाने का काफ़ी प्रयास किया गया, थक हार कर राखी ने स्वयं निर्णय लेते हुए 12 मई को अचानक बरका खुर्द स्थित अपने ससुराल आ धमकी। राखी को देखते ही ससुराल वालो के होश उड़ गए। उन्होंने राखी को बाहर कर घर के दरवाजे बन्द कर दिया और घर से निकल गए। हालांकि समाजिक पहल पर सोमवार की रात ससुराल वालों ने राखी के रहने खाने के लिए एक कमरा और रसोई खोल दिया है। जहां राखी अपने हक, अधिकार और आत्मसम्मान पाने के लिए जद्दोजहद कर रही है।
क्या कहते हैं अभिभावक
मामले को लेकर पूछे जाने पर आलोक के पिता ने बताया कि ये विरोधियों के साजिश का हिस्सा है। क्षेत्र में मेरी बढ़ती लोकप्रियता से विरोधियों के हौसले पस्त है। मैने राखी के पिता से कहा था कि चुनाव के बाद बैठक कर मामले को सुलझाया जायेगा। लेकिन इन्होंने मेरी एक नही सुनी। उन्होने कहा कि मेरा बेटा नाबालिग था और हमारी गैरमौजूदगी में जबदस्ती धमकी देकर विवाह कराया गया है। इस सम्बंध में मैंने फैमिली कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए न्याय की मांग की है।
