निशिकांत मिस्त्री

जामताड़ा । चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि कृषि मंत्री बादल ने किसान विरोधी आम जनता विरोधी और व्यापारी विरोधी कृषि बाजार समिति नामक काला बिल लाकर झारखंड के किसान जनता और व्यापारी को समाप्त करने के लिए ही बिल पास कर अन्याय किया है सन 2015 के पहले तक कृषि विभाग में लगभग 300 करोड रुपए पड़े हैं और उसका आज तक कोई लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया कृषि मंत्रालय के द्वारा भारत सरकार के कृषि मंत्रालय ने झारखंड कृषि मंत्रालय को 2015-16 में 5.70 करोड़ और 2020 में 7.60 करोड़ रुपए दिए दोनों राशि मिलाकर 13.30 करोड़ रुपए दिए थे जिसमें से जिसमें से 4.30 करोड़ रुपए खर्च किए गए सामान मंगाकर बाकी 9 करोड़ रुपए अभी भी कृषि मंत्रालय में जमा है जब केंद्र का पैसा 9 करोड रुपए खर्च नहीं कर पाई और उसके साथ ही कृषि मंत्री बादल के द्वारा अपने पुराने कर्मचारी से काम न लेकर भ्रटाचार को बढ़ाने के लिए 30 व्यक्ति को अनुबंध पर रखा है ।

इससे किसी मंत्री की मनसा साफ जाहिर होती है कि उसे सरकार का राजस्व नहीं बढ़ाना है उन्हें भ्रष्टाचार के माध्यम से अफसरशाही के माध्यम से झारखंड के किसान झारखंड के व्यापारियों और आम जनता को काला बिल के माध्यम से महंगाई की भट्टी में झोंक देना है कृषि मंत्री की मनसा झारखंड के व्यापारी आम जनता और किसान जान चुके हैं और उनकी मनसा को सफल नहीं होने देंगे कांग्रेस पार्टी के कई विधायकों ने ही कहा है बादल पत्रलेख का यह कदम एकदम गलत है और उन्हें राज्य की जनता राजकीय व्यापारी और राज्य के किसान के हित में इसे तुरंत रद्द कर देना चाहिए लेकिन यह हट धर्मी मंत्री मानने को तैयार है लेकिन हम व्यापारी हम किसान और हम जनता इस कानून को रद्द करवा कर ही रहेंगे ।

कृषि बाजार समिति काला बिल के तहत आज कृषि मंत्री बादल पत्रलेख का पुतला फूंक कर जामताड़ा के के साथ-साथ नाला कुंडहित फतेहपुर मिहिजाम कर्माटांड़ नारायणपुर के व्यापारियों ने पुतला फूंक कर विरोध कर रहे हैं साथी एवं सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन को कृषि मंत्री बादल पतले को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर झारखंड के व्यापारी आम जनता और किसान को राहत देने का काम करें और नहीं तो इसके बुरे परिणाम भुगतने के लिए राज सरकार तैयार रहे।

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