कुमार अजय
कतरास । देश की प्रथम महिला शिक्षिका, विद्रोही कवियत्री, शिक्षा और समानता की प्रबल समर्थक “सावित्रीबाई फुले” जी की जयंती जोगता 11 नम्बर बस्ती में मनाया गया, संचालन लखन भुईया, अध्यक्षता सुखदेव विद्रोही ने किया, वहीं वक्ताओं ने कहा कि हमें सावित्रीबाई फुले के साथ फातिमा शेख के योगदान को नहीं भूलना चाहिए। फातिमा शेख के परिवार ने फुले दंपति का समर्थन किया जब तथाकथित उच्च जातियां अछूतों को शिक्षित करने के लिए उन्हें मारने की योजना बना रही थीं, फातिमा शेख के परिवार ने फुले परिवार की मदद की।
ऐसा माना जाता है कि महात्मा फुले सावित्रीमाई को शिक्षा देते समय फातिमा बी को भी प्रशिक्षित कर सकते थे। अफसोस की बात है, फातिमा बी और उनके जीवन संघर्षों पर बहुत कम दस्तावेज किया गया है। सीमांत समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में फातिमा शेख के योगदान का अध्ययन किया जाना चाहिए और उसे प्रकाश में लाया जाना चाहिए। देश में महिला सशक्तिकरण व नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता, भारतीय महिलाओं में शिक्षा की अलख जलाने वाली महान समाज-सुधारिका क्रांतिज्योति, सावित्रीबाई फुले” थे।
मौके पर राजद नेता विनय पासवान,असलम मंसूरी, राजकुमार महतो,जोगता नागरिक समिति अध्यक्ष अनुज कुमार सिन्हा, आसू रजवार, ट्रेड यूनियन नेता विजय यादव, दिलीप पासवान, श्रीराम भुईयां, अजय कुमार, मनु कुमार, मुनिलाला, उषा देवी, रेशमी देवी, मनु देवी, सारधा देवी, गुडिया देवी,सहित अन्य लोग मौजूद थे।
