सिंदरी । डीनोबिली स्कूल सिंदरी के छात्र अस्मित अकाश की रहस्यमय मौत के दस माह बीतने के बाद भी घटना का खुलासा नहीं होने पर तथा इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं होने पर,एवं सिंदरी क्षेत्र के आवासों में चोरी और छिनतई की लगातार घटना होने के खिलाफ अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) की ओर से सिंदरी पुलिस के खिलाफ शहरपुरा मिलन मोड़ से सिंदरी थाना तक आक्रोश मार्च निकाल कर सिंदरी थाना का घेराव कर विक्षोम प्रदर्शन किया गया। इस दौरान दो घंटे तक सिंदरी थाना का घेराव किया गया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एडवा के राज्य महासचिव वीना लिंडा ने सिंदरी पुलिस पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि दस माह में भी छात्र अस्मित अकाश की मौत का खुलासा नहीं होने से पुलिस प्रशासन के प्रति आम जनता में गहरा आक्रोश है। बेसरा रिपोर्ट का बहाना कर पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिन के अंदर यदि पुलिस प्रशासन दोषियों को गिरफ्तार नहीं करती है तो एडवा, वरीय पुलिस प्रशासन के समक्ष आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने डीनोबिली स्कूल प्रबंधन पर भी आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़ छाड़ कर साक्ष्य को मिटाने का प्रयास करना एक गंभीर अपराध है।
जूलूस व प्रदर्शन का नेतृत्व एडवा की प्रदेश महासचिव वीना लिंडा, जिला अध्यक्ष उपासी महताइन, रीना पासवान, रानी मिश्रा, मिठू दास, बासुमती स्वैंंन, रंजू प्रसाद, शकीला बानो, माया लायक, छबि धर, सविता देवी, सीमा मिश्रा, बबली पिंटू, आदि कर रही थी। सिंदरी थाना के घेराव के उपरांत दो सूत्री मांग पत्र सिंदरी थाना प्रभारी को सौपा गया। मांगो की प्रतिलिपि उपायुक्त, धनबाद तथा वरीय पुलिस अधीक्षक, धनबाद को भी दी गई। मांगो में डीनोबिली स्कूल सिंदरी में पिछले 23 मार्च को रहस्यमय तरीके से छात्र अस्मित अकाश की मृत्यु विद्यालय प्रांगण में हो गई। सीसीटीवी फुटेज के साथ विद्यालय प्रबंधन द्वारा छेड़छाड़ किया गया।
घटने के 10 माह बीतने के बाद भी घटने का खुलासा नहीं हुआ है और ना ही किसी की गिरफ्तारी हुई है।
इस प्रकार की घटनाओं पर अभी तक कोई कारवाई नही होने से सिंदरी की जनता में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है। इसलिए हमारी मांग है कि विद्यालय प्रबंधन एवं घटने के दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कारवाई किया जाए। सिंदरी क्षेत्र में आए दिनों चोरी और छिनतई की घटनाएं घट रही है। महिलाएं भय से अपने मुहल्ले में निकल नही पा रही है। शादी विवाह के मौकों पर भी पूरा परिवार घर में ताला लगाकर चोरी के भय से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहें है। इसलिए हमारी मांगे है कि इस संबंध में उचित करवाई कर भयमुक्त वातावरण को बनाया जाय।
