निशिकान्त मिस्त्री
जामताड़ा । झारखण्ड तहरीक ए उर्दू तंजीम के बैनर तले उर्दू लिखे स्कूलों में उर्दू को मिटाने को लेकर झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ एक दिवसीय महाधरना का आयोजन पुराना कोर्ट स्थित एस डी ओ कार्यालय के समक्ष किया गया। जहाँ जिले के तहरीक ए उर्दू तंजीम के सचिव हाफिज मोहम्मद नाजीर हुसैन, अध्यक्ष मोहम्मद कलीमुद्दीन अंसारी, सरपरस्त हाफिज मोहम्मद रफीक अनवर अंसारी समेत अन्य लोगों ने शिरकत किया। तहरीक ए उर्दू तंजीम से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। इनलोगों ने सरकार पर आरोप लगाया कि बिना जाँच किये ही 350 उर्दू स्कूलों से उर्दू नाम हटा दिया गया।
साथ ही 449 स्कूलों में हाँथ जोड़कर प्रार्थना करने का निर्देश जारी कर दिया गया। जो गलत है और बिहार शिक्षा सहिंता और सविंधान का उलंघन भी है। इस मौके पर तहरीक ए उर्दू तंजीम के जिला सचिव नाजीर हुसैन ने कहा की झारखण्ड सरकार मुसलमान अल्पसंख्यक के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। उर्दू स्कूलों में जोर जबर्दस्ती कर उर्दू नाम को मिटाने का काम कर रहे हैं। वहीं उर्दू स्कूलों में शिक्षकों की कमी से उर्दू की तालीम हासिल बच्चे नही कर पा रहे हैं इसके लिए सरकार उर्दू शिक्षक की बहाली भी नही निकाल रहे हैं। वहीं तहरीक ए उर्दू तंजीम अध्यक्ष कलीमुद्दीन अंसारी ने कहा की आज झारखण्ड के छः जिलों में सरकार के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों से उर्दू स्कूलों से उर्दू को मिटाया जा रहा है। जो बिना जांच किये बिना ही उर्दू को हटाया जा रहा है। इन स्कूलों में आजादी के पूर्व से वर्तमान में कुछ दिनों से स्कूलों में उर्दू लिखे हुवे को मिटाया जा रहा है जो गलत है। सरकार से मांग है कि जिस स्कूलों में उर्दू हटाया गया है उस स्कूलों की जाँच कर उर्दू लिखा हुआ को रहने दिया जाय। वही अभी झारखण्ड में शिक्षकों की बहाली निकाली गई है जिसमें उर्दू शिक्षक की बहाली नही है। उर्दू स्कूलों के बच्चे को उर्दू की शिक्षा कहाँ से मिलेगा। यह उर्दू मिटाने का एक साजिस सरकार कर रही है।
