जोरापोखर। जोरापोखर थाना क्षेत्र के जामाडोबा बड़कीटांड़ में बुधवार को अचानक भू-धंसान होने से अफरा-तफरी मच गई। मोहम्मद सलीम के घर के ठीक बगल में जमीन धंस गई और देखते ही देखते बड़ा सा गोफ का आकार में तब्दील हो गया। इस भयावह दृश्य को देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकल आए।
गृहस्वामी मोहम्मद सलीम और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत टाटा कंपनी के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए जांच शुरू कर दी।
स्थानीय निवासी अनवर, रिजवान और शमीम ने प्रबंधन और संबंधित विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले इसी स्थान पर एक छोटा गोफ बना था। उस समय विभाग और अधिकारियों को मौखिक और लिखित सूचना दी गई थी, लेकिन समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी उदासीनता के कारण अब गोफ ने विकराल रूप ले लिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस बस्ती में करीब 5 हजार लोगों की आबादी रहती है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि मोहल्ले में आने-जाने के लिए कोई दूसरा वैकल्पिक रास्ता नहीं है। यदि गोफ और बढ़ा तो पूरी बस्ती का संपर्क कट जाएगा और कई मकान जमींदोज हो सकते हैं। स्थानीय बुजुर्गों ने भी बड़े हादसे की आशंका जताई है।
आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला उत्खनन बंद होने के बाद खदानों की समुचित भराई और नियमित मॉनिटरिंग नहीं की गई, जिससे ऐसी जानलेवा स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने टाटा प्रबंधन और संबंधित सरकारी विभागों से गोफ की तत्काल भराई, सुरक्षा जांच और बस्ती के लोगों के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।
