निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । दामोदर घाटी जलाशय विनियमन समिति (DVRRC) ने मैथन और पंचेत डैम के निचले इलाकों (डाउनस्ट्रीम) में बाढ़ की आशंका को देखते हुए एक ‘येलो फ्लड वॉर्निंग’ (पीली बाढ़ चेतावनी) संदेश जारी किया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) मैथन में DVRRC के सदस्य-सचिव संजीव कुमार द्वारा 07 सितंबर 2026 की सुबह यह महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया गया। 6 घंटे के भीतर अलर्ट करने के निर्देश
आधिकारिक आदेश के अनुसार, यदि स्थिति बिगड़ती है और दोनों बांधों (मैथन और पंचेत) से संयुक्त रूप से पानी की निकासी 50,000 क्यूसेक से अधिक हो जाती है, तो निचले इलाकों में रहने वाले सभी संबंधित अधिकारियों और आम जनता को तुरंत सतर्क किया जाए। डीवीसी (DVC) के “बाढ़ चेतावनी ज्ञापन” के नियमों के तहत इस संदेश के मिलने के 6 घंटे के भीतर सभी आवश्यक चेतावनी प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल के अधिकारी सतर्क
इस चेतावनी संदेश की प्रतियां झारखंड और पश्चिम बंगाल के तमाम प्रशासनिक और जल संसाधन विभागों को भेज दी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इनमें मुख्य रूप से मुख्य अभियंता (जल संसाधन विभाग), पश्चिम बंगाल सरकार (बर्धमान और कोलकाता),।मुख्य अभियंता (जल संसाधन विभाग), झारखंड सरकार (तेनुघाट), दामोदर घाटी निगम (DVC) के मैथन और पंचेत डैम के सभी मुख्य अभियंता व जलाशय संचालन प्रबंधक, आसनसोल के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) और केंद्रीय जल आयोग (CWC) आसनसोल के अधिशासी अभियंता।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मैथन और पंचेत बांधों के निचले क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों और तटीय इलाकों के प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने और सुरक्षात्मक उपाय अपनाने को कहा गया है। या जानकारी जामताड़ा आई पी आर डी ने पत्रकारों को दिया है।
