निशिकांत मिस्त्री
जामताड़ा । जिले की पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के सकलपुर से गोपालपुर जाने वाली पक्की सड़क के पास स्थित पलास जंगल की झाड़ियों में छापेमारी कर चार साइबर अपराधियों को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। जिसे लेकर आज अनुमंडल पुलिस कार्यालय में एस डी पी ओ वसीम राजा ने प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सकलपुर से गोपालपुर जाने वाली पक्की सड़क के पास स्थित पलास जंगल की झाड़ियों में बैठकर कुछ साइबर अपराधी साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं, इसी सूचना के आधार पर पूरी कार्रवाई पु०नि०–सह–थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में गठित एक विशेष छापेमारी दल द्वारा की गई। इस संबंध में साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 53/26, दिनांक 29.08.2026 दर्ज किया गया है। अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (B.N.S) 2023, आई.टी. एक्ट (I.T. ACT) और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान फारुक अंसारी, उम्र 25 वर्ष, पिता- नूर मोहम्मद, निवासी- ग्राम शहरपुरा, थाना जामताड़ा, समसुद्दीन अंसारी, उम्र 30 वर्ष, पिता- सकुर अंसारी, निवासी- ग्राम मदनपुर, थाना कर्माटांड़, जानी बाबू, उम्र 22 वर्ष, पिता- मेहदी हुसैन, निवासी- ग्राम डुमरिया, थाना कर्माटांड़, कलीम अंसारी, उम्र 24 वर्ष, पिता- हलीम अंसारी, निवासी- ग्राम कुरुवा, थाना कर्माटांड़ में हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले आठ मोबाइल, दस सिमकार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद किया है। साथ ही उन्होंने बताया कि ठगी का नया तरीका
पुलिस पूछताछ में इस गिरोह के चौंकाने वाले तौर-तरीकों का खुलासा हुआ है। ये अपराधी देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाते थे। फर्जी कोल लोगों को YONO APP चालू करने के नाम पर कॉल करते थे। झांसे में लेकर वे पीड़ितों से व्हाट्सएप (Whatsapp) या किसी अन्य स्क्रीन शेयरिंग ऐप के माध्यम से स्क्रीन शेयर करवाते थे। स्क्रीन शेयरिंग के जरिए वे पीड़ित का YONO USER और PASSWORD खुद बना लेते थे।।इसके बाद नेट बैंकिंग के माध्यम से ओटीपी (OTP) प्राप्त कर संबंधित बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते थे। इस छापेमारी दल के मुख्य सदस्य नीतीश कुमार (पु०नि०, साइबर अपराध थाना जामताड़ा) मनीष कुमार गुप्ता (पु०नि०, साइबर अपराध थाना जामताड़ा, हीरालाल महतो (पु०अ०नि०, साइबर अपराध थाना) एवं रिजर्व गार्ड के आरक्षी/हवलदार शामिल थे।
